योगी ने रूसी निवेशकों को दिया डिफेंस मैन्यूफैक्चरिंग कॉरिडोर में निवेश का न्योता
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योगी ने रूसी निवेशकों को दिया डिफेंस मैन्यूफैक्चरिंग कॉरिडोर में निवेश का न्योता

By News18 calender  15-Aug-2019

योगी ने रूसी निवेशकों को दिया डिफेंस मैन्यूफैक्चरिंग कॉरिडोर में निवेश का न्योता

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रूस के निवेशकों को राज्य के रक्षा विनिर्माण गलियारा (डिफेंस मैन्यूफैक्चरिंग कॉरिडोर) में निवेश के लिये आमंत्रित किया है. मुख्यमंत्री भारतीय प्रतिनिधिमंडल के साथ रूस की यात्रा पर गये थे. वहां से लौटने के बाद सीएम ने बुधवार को लखनऊ में संवाददाताओं से कहा, 'मैंने रूस के निवेशकों को उत्तर प्रदेश के डिफेंस मैन्यूफैक्चरिंग कॉरिडोर में निवेश के लिये आमंत्रित किया है.'

190 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल गया था रूस
उल्लेखनीय है कि इस महीने 11 से 13 अगस्त तक वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल की अध्यक्षता में 190 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल रूस की यात्रा पर गया था. इसमें 145 उद्यमी और निवेशक शामिल थे. रूसी प्रतिनिधिमंडल की अगुवाई वहां के उप प्रधानमंत्री ने की. बैठक के दौरान दोनों पक्षों ने भारत-रूस के व्यापारिक सम्बन्धों को आगे बढ़ाने के लिये विस्तार से चर्चा की.

योगी ने कहा 'हमारा एक प्रतिनिधिमंडल वहां जाकर अलग से इस बारे मे बात करे, इसके लिये हमने वहां वातावरण पैदा किया है. हम सकारात्मक दिशा में आगे बढ़े हैं.' उन्होंने कहा 'मैंने रूस की यात्रा के दौरान एक प्रस्ताव दिया था कि आपके पास जमीन है और हमारे पास श्रम शक्ति है. रूस में 50 लाख हेक्टेयर जमीन खेती के योग्य होने के बावजूद बेकार पड़ी है. ऐसे में ठेके पर खेती और खाद्य प्रसंस्करण की सम्भावनाओं को वास्तविक रूप दिया जा सकता है. वहां हर क्षेत्र में भारत की विशेषज्ञता और तकनीक का उपयोग किया जा सकता है. एक तरह से इसे लेकर सहमति बनी है.'
60 समझौतों पर हस्ताक्षर
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रतिनिधिमंडल की रूस यात्रा के दौरान लगभग 60 समझौतों पर दस्तखत हुए हैं. उत्तर प्रदेश ने कृषि और खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में करार किये हैं. इस दौरान निवेश के साथ-साथ निर्यात की संभावनाओं को लेकर भी बहुत बड़ा काम हुआ है. इससे भारत और रूस के संबंध और प्रगाढ़ हुए हैं.

उन्होंने कहा कि रूस के मंत्रियों, अधिकारियों और उद्यमियों ने भी स्वीकार किया है कि पिछले पांच वर्षों में भारत की अर्थव्यवस्था दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था में से एक है. भारत में दुनिया को नेतृत्व देने की संभावनाएं हैं. रूस ने अगले महीने इकोनॉमिक फोरम के मुख्य अतिथि के रूप में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को आमंत्रित किया गया है. इस यात्रा से भारत और रूस के सम्बन्ध नई ऊंचाइयां प्राप्त करेंगे.
 

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