अनुच्छेद 370: अफसोस है कि कश्मीरियों की मदद नहीं कर सकी: ममता बनर्जी
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अनुच्छेद 370: अफसोस है कि कश्मीरियों की मदद नहीं कर सकी: ममता बनर्जी

By Aaj Tak calender  15-Aug-2019

अनुच्छेद 370: अफसोस है कि कश्मीरियों की मदद नहीं कर सकी: ममता बनर्जी

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद-370 हटाने की प्रक्रिया को गलत करार दिया है. ममता बनर्जी ने कहा है कि क्या उन्हें जम्मू-कश्मीर के तीन पूर्व मुख्यमंत्रियों का ठिकाना जानने का हक नहीं है? ममता ने कहा कि जब जम्मू-कश्मीर को लेकर हलचल चल रही थी तो उनके पास राज्य के एक पूर्व सीएम का फोन आया था. ममता ने कहा कि फोन करने वाले ने उनसे मदद की मांग की थी, लेकिन अफसोस है कि वे उनकी मदद नहीं कर सकीं.
केंद्र के फैसलों पर पहले से ही सवाल खड़ा करने वाली ममता बनर्जी जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद-370 की समाप्ति पर भी सरकार पर हमलावर हैं. ममता ने कहा है कि इस संवैधानिक प्रावधान को हटाने का तरीका गलत है. ममता ने कहा, "आर्टिकल 370 पर मैं ज्यादा चर्चा नहीं करना चाहती हूं लेकिन इसे हटाने की प्रक्रिया गलत थी, क्या जम्मू-कश्मीर के तीन पूर्व मुख्यमंत्रियों का अता-पता जानने का अधिकार मेरे पास नहीं है, उन्हें जनता ने चुना था."
ममता बनर्जी ने कहा कि पिछले आठ-दस दिनों से इस देश में लोगों को पता ही नहीं है कि जम्मू-कश्मीर के तीन पूर्व मुख्यमंत्री कहां हैं? ममता ने सरकार पर हमला करते हुए कहा, "क्या आज अगर मैं ये सवाल उठाती हूं तो मैं सीबीआई-ईडी के द्वारा गिरफ्तार कर ली जाऊंगी, मुझे अभी भी भरोसा है कि इस मुद्दे पर सभी पक्षों के साथ बात करके शांतिपूर्ण समाधान निकाला जा सकता था."
ममता बनर्जी ने एक खुलासा करते हुए कहा कि जम्मू-कश्मीर में जब ये सब कुछ चल रहा था तो वहां के एक पूर्व सीएम ने उनसे फोन कर मदद की मांग की थी, लेकिन वे उन्हें मदद मुहैया नहीं करा सकी थीं. ममता ने कहा, "जम्मू-कश्मीर में सबकुछ होने से एक दिन पहले जम्मू-कश्मीर के एक पूर्व सीएम ने मुझे फोन कर कहा, हमलोग बहुत डरे हुए हैं, यदि हमें कुछ दिक्कत होती है तो क्या आप हमारा साथ देंगी, ये बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है कि मैं उनकी मदद के लिए खड़ी नहीं हो सकी, हालांकि हमारी भावनाएं हमेशा उनके साथ है."
बता दें कि जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद-370 हटाने से पहले 4 अगस्त की रात को जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने नेशनल कॉन्फ्रेंस नेता और पूर्व सीएम उमर अब्दुल्ला और पीडीपी नेता महबूबा मुफ्ती को नजरबंद कर दिया था. इसके अलावा राज्य के कई और नेताओं को भी सरकार ने ऐहतियात के तौर पर नजरबंद कर दिया है.

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