मुरली मनोहर जोशी ने उस लम्हे को किया याद- कैसे मोदी संग श्रीनगर में फहराया था तिरंगा
Latest News
bookmarkBOOKMARK

मुरली मनोहर जोशी ने उस लम्हे को किया याद- कैसे मोदी संग श्रीनगर में फहराया था तिरंगा

By Aaj Tak calender  15-Aug-2019

मुरली मनोहर जोशी ने उस लम्हे को किया याद- कैसे मोदी संग श्रीनगर में फहराया था तिरंगा

स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर बीजेपी के सीनियर नेता मुरली मनोहर जोशी ने 1991-92 के उस दौर को याद किया है जब जम्मू-कश्मीर आतंकवाद का चरम दौर था. इसी दौरान मुरली मनोहर जोशी नरेंद्र मोदी के साथ श्रीनगर के लाल चौक पर तिरंगा झंडा फहराने पहुंचे थे. इस घटनाक्रम को याद करते हुए मुरली मनोहर जोशी कहते हैं जो तिरंगा यात्रा हुई थी वास्तव में उसका नाम एकता यात्रा था. मुरली मनोहर जोशी कहते हैं, "उस वक्त कश्मीर में अलगाववाद, आतंक, हिंसा, सांप्रदायिक हिंसा का बोलबाला था,  महिलाओं पर अत्याचार और धार्मिक स्थलों का विनाश हो रहा था. "
इन हालात में बीजेपी ने निर्णय किया कि इस परिस्थिति के विरुद्ध देश को जगाया जाए. जोशी कहते हैं, "मेरे ख्याल से 1948-49 के बाद कभी भी लाल चौक पर तिरंगा झंडा फहराया नहीं गया, कश्मीर छोड़िए जब हम वहां गए थे तो वहां पर तिरंगा झंडा मिलता ही नहीं था बाजार में." जोशी वहां की राजनीति स्थिति को याद करते हुए कहते हैं, "वहां की राजनीतिक पार्टियां, वर्चस्व की लड़ाई लड़ रही थीं. जनता से उनका कोई लेना देना नहीं था. इस बीच बीजेपी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी ने फैसला किया कि हमें वहां जाना चाहिए, पार्टी अध्यक्ष होने के नाते मुझे जाकर झंडा फहराना चाहिए और इसके जरिए पूरे देश को जागरूक भी करना चाहिए."
मुरली मनोहर जोशी यात्रा का ब्यौरा देते हुए बताते हैं कि ये यात्रा कन्याकुमारी से प्रारंभ की गई थी, पूरे देश में 30-35 हजार किलोमीटर की यात्रा करते हुए लोग वहां पहुंचे थे. लोगों को देखकर आश्चर्य हो रहा था. 1 लाख लोग जम्मू पहुंचे थे. मुसलमानों ने भी उस यात्रा का स्वागत किया, हजारों झंडे भी दिए. सभी में यह भावना थी कि कश्मीर को बचाना है.
बता दें कि इस दौरान नरेंद्र मोदी मुरली मनोहर जोशी की कोर टीम के सदस्य थे. यात्रा का पूरा प्रबंधन नरेंद्र मोदी के हाथ में था. जोशी आगे कहते हैं, "जब हम वहां पहुंचे तो भारतीय सेना का मनोबल बढ़ा था, आतंकवादी परेशान हुए, वे गोलियां चला रहे थे, चुनौतियां दे रहे थे कि यहां पर कोई झंडा फहरा कर दिखाए. इस दहशत के माहौल में 26 जनवरी 1992 को श्रीनगर के लाल चौक पर भारत का झंडा फहराया गया." इस ऐतिहासिक घटना की तस्वीर आज भी मीडिया पर मौजूद है. इस तस्वीर में नरेंद्र मोदी जोशी के साथ देखे जा सकते हैं.
मुरली मनोहर जोशी ने कहा है कि उस वक्त जो संकल्प हमने किया उसे नरेंद्र मोदी और अमित शाह ने पूरा किया है. जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद-370 हटाने पर उन्होंने कहा कि इस उद्देश्य के लिए डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने बलिदान दिया. उन्होंने कहा कि अनुच्छेद 370 के कारण से जो कठिनाइयां, परेशानियां और अलगाववाद कश्मीर घाटी में कई वर्षों तक अपना फन उठाए रही उससे न केवल घाटी का नुकसान हुआ बल्कि आतंकवाद भी फैला.

MOLITICS SURVEY

क्या आरक्षण पर मोहन भागवत के बयान से चुनावों में बीजेपी को नुकसान होगा?

TOTAL RESPONSES : 37

Raise Your Voice
Raise Your Voice 

Suffering From Problem In Your Area ? Now Its Time To Raise Your Voice And Make Everyone Know