अलग पर्यावरण मंत्रालय के गठन के साथ मंत्रिमंडल में लगी इन फैसलों पर मुहर
Latest News
bookmarkBOOKMARK

अलग पर्यावरण मंत्रालय के गठन के साथ मंत्रिमंडल में लगी इन फैसलों पर मुहर

By Amar Ujala calender  14-Aug-2019

अलग पर्यावरण मंत्रालय के गठन के साथ मंत्रिमंडल में लगी इन फैसलों पर मुहर

प्रदेश सरकार ने शासन स्तर पर पर्यावरण मंत्रालय गठित करने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई मंत्रिमंडल की बैठक में यह निर्णय लिया गया। मंत्रिमंडल ने पर्यावरण निदेशालय गठित करने के प्रस्ताव को व्यापक रूप देते हुए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड सहित दो अन्य इकाइयां नव गठित विभाग के अधीन लाने का निर्णय लिया है। वन विभाग से स्वतंत्र यह विभाग पर्यावरण से संबंधित सभी मसलों का निस्तारण करेगा। नए विभाग के अस्तित्व में आने से विकास योजनाओं में पर्यावरण क्लेयरेंस के मामले जल्द निस्तारित हो सकेंगे। मंत्रिमंडल की बैठक में 21 प्रस्ताव आए, जिनमें से 19 को मंजूरी दी गई है। शासकीय प्रवक्ता और कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक ने बताया कि कैबिनेट ने कई अहम फैसले लिये है, जिसमें शासन स्तर नया पर्यावरण मंत्रालय बनाने का फैसला अहम है। इसके तहत चार संस्थान रहेंगे, जिसमें नए निदेशालय का गठन होगा। निदेशालय का निदेशक अखिल भारतीय सेवा का अधिकारी होगा। इसके अलावा प्रांतीय सेवा का एक संयुक्त निदेशक और विशेषज्ञ विज्ञानक के इलाका 14 अन्य पद रहेंगे। वन एवं पर्यावरण मंत्रालय के अधीन आने वाला प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, बायोडायवर्सिटी बोर्ड और स्टेट इन्वायरमेंट इम्पैक्ट एसेसमेंट अथारिटी तथा स्टेट इन्वायरमेंट एसेसमेंट कमेटी भी नये विभाग का हिस्सा होंगे। इससे पर्यावरण संरक्षण व जलवायु परिवर्तन संबंधी कार्य, पर्यावरण संबंधी प्रकरणों में राज्य सरकार को परामर्श देना, स्टेट क्लाइमेट चैंज एक्शन प्लान का क्रियान्वयन, पर्यावरण दृष्टि से संवेदनशील एको सिस्टम का चिन्हिकरण करने जैसे कार्य रहेंगे। 
प्रमुख फैसले...
- एनडीए और सीडीएस में चयनित अभ्यर्थियों की भांति आफिसर्स ट्रेनिंग एकेडमी, इंडियन एयर फोर्स एवं इंडियन नेवल एकेडमी में चयनित अभ्यर्थियों को 50 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि मिलेगी। - न्याय विभाग की उत्तराखंड अधीनस्थ सिविल न्यायालय लिपिक वर्गीय अधिष्ठान में किया आंशिक संशोधन।
- उत्तरप्रदेश अधीनस्थ सिविल न्यायालय अधिष्ठान में नाम परिवर्तित करते हुए उत्तराखंड और नैनीताल को किया संशोधित। उत्तरप्रदेश की जगह उत्तराखंड और इलाहाबाद की जगह नैनीताल किया गया है।
- न्यायिक सेवा नियमावली में आंशिक संशोधन किया गया है।
- उत्तराखंड वन क्षेत्राधिकारी सेवा नियमावली 2019 के धारा 8 में संशोधन। 
- मोटरयान नियमावली में संशोधन। वीआईपी नंबर 001 और 786 की न्यूनतम बोली दस हजार से एक लाख रुपये की।  परिवहन कर अधिकारी द्वितीय की वर्दी में किया आंशिक परिवर्तन।
- उत्तराखंड स्टेट सीड एंड आर्गेनिक प्रोडक्शन सर्टिफिकेशन एजेंसी के ढांचे को मंजूरी, 171 पद किये गए स्वीकृत।

MOLITICS SURVEY

खुले नाले औऱ बिना ढ़क्कन के मैन होल का असली दोषी कौन है?

निगम अधिकारी
  68.18%
सांसद/विधायक
  31.82%

TOTAL RESPONSES : 44

Raise Your Voice
Raise Your Voice 

Suffering From Problem In Your Area ? Now Its Time To Raise Your Voice And Make Everyone Know