पूर्व पीएम डॉ मनमोहन सिंह के खिलाफ उम्मीदवार नहीं उतारेगी BJP, पार्टी हाईकमान ने लिया फैसला
Latest News
bookmarkBOOKMARK

पूर्व पीएम डॉ मनमोहन सिंह के खिलाफ उम्मीदवार नहीं उतारेगी BJP, पार्टी हाईकमान ने लिया फैसला

By Tv9bharatvarsh calender  14-Aug-2019

पूर्व पीएम डॉ मनमोहन सिंह के खिलाफ उम्मीदवार नहीं उतारेगी BJP, पार्टी हाईकमान ने लिया फैसला

भारतीय जनता पार्टी ने राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व पीएम डॉ मनमोहन सिंह को वॉकओवर देने का फैसला किया है. बीजेपी राजस्थान से राज्यसभा के कैंडिडेट डॉ मनमोहन सिंह के खिलाफ पार्टी उम्मीदवार नहीं उतारेगी. पूर्व पीएम डॉ मनमोहन सिंह असम से राज्यसभा के लिए चुने जाते रहे हैं लेकिन इस बार वो राजस्थान से राज्यसभा उम्मीदवार हैं. राज्यसभा सदस्य और बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष रहे मदन लाल सैनी के निधन के बाद राजस्थान से राज्यसभा की ये सीट खाली हो गई थी.
बीजेपी सूत्र के मुताबिक यह निर्णय पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व की ओर से दिल्ली में लिया गया है  वरिष्ठ बीजेपी नेता गुलाबचंद कटारिया ने इंडिया टुडे को बताया, “बीजेपी राजस्थान से अपना राज्यसभा उम्मीदवार नहीं उतारेगी.” मंगलवार को जयपुर में मनमोहन सिंह ने राज्यसभा की सदस्यता के लिए अपना नामांकन पत्र दाखिल किया. निर्वाचन आयोग के एक अधिकारी ने कहा कि सीट के लिए उपचुनाव 26 अगस्त को होगा. नामांकन पत्र दाखिल करने की अंतिम तिथि 14 अगस्त है और नाम वापस लेने की अंतिम तिथि 19 अगस्त है.
नामांकन करने पहुंचे मनमोहन सिंह (86) के साथ राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, उप-मुख्यमंत्री सचिन पायलट और वरिष्ठ कांग्रेस नेता अविनाश पांडे भी मौजूद थे. मंगलवार सुबह पहुंचे मनमोहन सिह का गहलोत ने गर्मजोशी से स्वागत किया. मनमोहन सिंह लगभग तीन दशकों से असम से कांग्रेस के राज्यसभा सदस्य रहे हैं. उनका कार्यकाल 14 जून को समाप्त हो चुका है. मनमोहन सिंह के राजस्थान से चुने जाने के बाद वे तीन अप्रैल, 2024 तक राज्यसभा सदस्य होंगे.
कांग्रेस को राज्य विधानसभा में बहुमत प्राप्त है, जिससे मनमोहन सिंह के लिए उपचुनाव जीतना आसान हो गया है. राजस्थान विधानसभा में 200 सीटें हैं, जिनमें से दो खाली हैं. कांग्रेस के पास 100 विधायक हैं, जबकि उसके सहयोगी राष्ट्रीय लोक दल (रालोद) के पास एक सीट है. भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के 72, बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) के छह सदस्य हैं. वहीं भारतीय ट्राइबल पार्टी (बीटीपी), माकपा और राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (आरएलपी) के दो-दो सदस्य हैं. जबकि 13 विधायक निर्दलीय हैं और दो सीटें खाली हैं. कांग्रेस को 13 में से 12 निर्दलीय उम्मीदवारों के साथ ही बीएसपी विधायकों का समर्थन प्राप्त है.

MOLITICS SURVEY

क्या आरक्षण पर मोहन भागवत के बयान से चुनावों में बीजेपी को नुकसान होगा?

TOTAL RESPONSES : 28

Raise Your Voice
Raise Your Voice 

Suffering From Problem In Your Area ? Now Its Time To Raise Your Voice And Make Everyone Know