कांग्रेस: अब भी 'फर्स्ट फैमिली' लास्ट ऑप्शन
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कांग्रेस: अब भी 'फर्स्ट फैमिली' लास्ट ऑप्शन

By Navbharattimes calender  11-Aug-2019

कांग्रेस: अब भी 'फर्स्ट फैमिली' लास्ट ऑप्शन

राहुल गांधी ने लोकसभा चुनाव में करारी हार के बाद कांग्रेस अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था। उसके बाद से ही राहुल यह कह रहे थे कि पार्टी का अगला अध्यक्ष नेहरू-गांधी परिवार से नहीं होगा। ढाई महीने तक उनका विकल्प तलाशने की कवायद चली और फिर लौटकर गांधी परिवार पर ही आना पड़ा। इस बार फिर राहुल गांधी की मां सोनिया गांधी को कांग्रेस अध्यक्ष की जिम्मेदारी दे दी गई। 

इससे एक बार फिर यह साबित हुआ कि कांग्रेस में अब गांधी परिवार ही सबको जोड़े रखने में सक्षम है। सूत्रों के मुताबिक सोनिया गांधी अध्यक्ष की जिम्मेदारी के लिए बिलकुल भी तैयार नहीं थीं। इस पर सीनियर नेताओं ने उन्हें मौजूदा स्थिति में पार्टी को मुश्किलों से बाहर निकालने के लिए पद संभालने का आग्रह किया। कांग्रेस नेताओं ने सोनिया गांधी से कहा कि उनके अलावा किसी भी अन्य नाम पर सर्वसम्मति नहीं बन पा रही है।
अध्यक्ष पद की रेस में कांग्रेस के कई नेताओं के नाम चल रहे थे, लेकिन आखिर में सोनिया गांधी पर ही सहमति बन सकी। पंजाब के सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने भी किसी युवा चेहरे को कांग्रेस प्रेजिडेंट बनाने का सुझाव दिया था। हालांक पार्टी के ज्यादातर सीनियर नेता यथास्थिति ही बनाए रखने के पक्ष में दिखे। इसके अलावा नई पीढ़ी और पुरानी पीढ़ी के बीच संघर्ष की स्थिति पैदा होने की भी आशंका थी। 
कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने फैसले को सही करार देते हुए कहा कि देश मुश्किल वक्त से गुजर रहा है। ऐसी स्थिति में सोनिया गांधी जैसी अनुभवी नेता ही कमान संभाल सकती हैं। भले ही सोनिया गांधी को अंतरिम अध्यक्ष के तौर पर जिम्मेदारी दी गई है, लेकिन कुछ महीनों में झारखंड, महाराष्ट्र, हरियाणा और दिल्ली के चुनाव होने वाले हैं। ऐसे में कांग्रेस के संगठन चुनाव उसके बाद ही होंगे। साफ है कि सोनिया गांधी अंतरिम अध्यक्ष के तौर पर भी कम से कम एक साल तक पार्टी की कमान संभालेंगी। 
राहुल ने कहा था नहीं होगा गांधी, लौटीं सोनिया गांधी 
राहुल गांधी ने इस्तीफा देने के बाद गांधी परिवार से बाहर के ही किसी नेता को अध्यक्ष बनाने की बात कही थी, लेकिन ढाई महीने बाद सोनिया गांधी के हाथ ही कमान सौंपी गई। 1998 से 2017 तक सबसे लंबे वक्त अध्यक्ष रहीं सोनिया के कंधों पर एक बार फिर से कांग्रेस को आगे ले जाने का जिम्मा है। शनिवार को कांग्रेस वर्किंग कमिटी में गुलाम नबी आजाद, पी. चिदंबरम, आनंद शर्मा और पूर्व पीएम मनमोहन सिंह जैसे दिग्गज नेताओं ने सोनिया के नाम का प्रस्ताव दिया था। 

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