परंपरा को बरकरार रखते हुए आगे बढ़ें - अर्जुन मुंडा
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परंपरा को बरकरार रखते हुए आगे बढ़ें - अर्जुन मुंडा

By Prabhatkhabar calender  10-Aug-2019

परंपरा को बरकरार रखते हुए आगे बढ़ें - अर्जुन मुंडा

रत मुंडा समाज ने शुक्रवार को विश्व आदिवासी दिवस पर राजेंद्र चौक से अब्दुल बारी पार्क मैदान तक पदयात्रा निकाली गयी. गाजे बाजे के साथ निकली इस पद यात्रा में बड़ी संख्या में महिला-पुरुष शामिल हुए. जुलूस में मुख्य अतिथि के रूप में जनजातीय मामलों के केंद्रीय मंत्री  अर्जुन मुंडा शामिल थे. 
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श्री मुंडा ने आदिवासी समाज को विश्व आदिवासी दिवस की बधाई दी. उन्होंने कहा कि हमें अपनी संस्कृति व परंपरा को बरकरार रखते हुए आगे बढ़ना होगा. मंत्रालय की से समाज के उत्थान के लिए हमेशा प्रयास किये जायेंगे. कुछ तक चलने के बाद वे खूंटी के लिए रवाना हो गये. वे परंपरागत आदिवासी वेशभूषा में शामिल हुए थे. 
माथे पर पत्ता आदि से बने टोपी पहने हुए थे. वहीं, उनकी पत्नी भी परंपरागत आभूषण पहने हुई थीं. समारोह में समाज के अध्यक्ष प्रेम सागर मुंडा, महासचिव ब्रजेंद्र हेमरोम, बंधना कुल्लू, भीम मुंडा आदि मौज्ूद थे.
आदिवासी दिवस पर संकल्प लें: सुदेश
रांची.  विश्व आदिवासी दिवस उल्लास के साथ संकल्प लेने का अवसर है. भाषा, संस्कृति, परंपरा, पहचान और पर्यावरण को बचाये रखने की चुनौतियां हैं. यह बात  विश्व आदिवासी और अगस्त क्रांति दिवस पर प्रोजेक्ट उवि जोन्हा में शुक्रवार को मुख्य आजसू अध्यक्ष सुदेश महतो ने कही. इस मौके पर विद्यालय के 600 छात्र-छात्राओं के बीच आजसू  प्रमुख ने स्कूल बैग और फलदार पौधों का वितरण किया. 
कार्यशाला में सिदो-कान्हू के वंशज मंडल मुर्म, प्रधानाध्यापक अशोक साहु, सुशील महतो, संजय सिद्धार्थ, जयपाल सिंह, शिक्षिका अर्पित सुमन तिग्गा, प्रमीला कुमारी, शर्तिमा कुमारी, किशोर साहु, गोविंद साहु, अनवर हुसैन, श्रीराम साहु, शंकर मुंडा सहित अन्य उपस्थित थे.उलगुलान फाउंडेशन के द्वारा जोन्हा और सीता फॉल चौराहे पर स्थापित बिरसा मुंडा की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया गया.
 
आदिवासियों को टुकड़ों में बांट कर लाभ लेने वालों की मंशा समझनी होगी : बंधु तिर्की 
रांची. विश्व आदिवासी दिवस के मौके  पर दीक्षांत मंडप मोरहाबादी में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए पूर्व मंत्री बंधु तिर्की ने कहा आदिवासी दिवस आदिवासियों के संगठित होने पर ही सफल होगा. टुकड़ों में बंटे लोगों के लिए आदिवासी दिवस मनाने का कोई फायदा नहीं है. 
 
उन्होंने कहा कि किसी भी गांव या टोले में आदिवासियों की जमीन पर विवाद होने पर दूसरे टोलों  के लोग जाकर मदद करें. आदिवासी भाइयों को समझना होगा कि उनको टुकड़ों में बांट कर कौन लाभ ले रहा है. श्री तिर्की ने कहा कि वर्तमान सरकार आदिवासियों की सरकार नहीं है.  

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