चार चुनाव-चुस्त चेहरेः BJP ने तय किए राज्यों की सियासी जंग के सिपहसालार
Latest News
bookmarkBOOKMARK

चार चुनाव-चुस्त चेहरेः BJP ने तय किए राज्यों की सियासी जंग के सिपहसालार

By Aajtak calender  09-Aug-2019

चार चुनाव-चुस्त चेहरेः BJP ने तय किए राज्यों की सियासी जंग के सिपहसालार

जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 को असरहीन और राज्य को 2 हिस्सों में बांटने के फैसले से भाजपा के हौसले बुलंद है. भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने हरियाणा, झारखंड, महाराष्ट्र और दिल्ली के चुनाव प्रभारी और सहप्रभारी नियुक्त कर दिया है. इसी के साथ भाजपा ने इन चारों राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव का शंखनाद कर दिया है. साथ ही भाजपा ने जातीय-क्षेत्रीय समीकरण साधने की रणनीति बनाई है. भाजपा अध्यक्ष और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर को दिल्ली का चुनाव प्रभारी बनाया है. जबकि, केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी और नित्यानंद राय को चुनाव सह प्रभारी की जिम्मेदारी सौंपी है. साथ ही भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्याम जाजू को दिल्ली का प्रदेश संगठन प्रभारी और राष्ट्रीय सचिव तरुण चुघ को सह प्रभारी बनाया है.
दिल्ली में सिख और पूर्वांचली वोटों की ताकत के देखते हुए बीजेपी ने बड़ा दांव खेला है. दिल्ली के 10 फीसदी से ज्यादा सिख समुदाय को साधने के लिए बीजेपी ने हरदीप सिंह पुरी पर दांव लगाया है, तो करीब 30 फीसदी बिहारी और पूर्वांचली वोटों को साधने की जिम्मेदीर नित्यानंद राय के कंधों पर होगी. इसके अलावा प्रकाश जावड़ेकर और श्याम जाजू लंबे समय से दिल्ली की सियासत को देखते रहे हैं. इसीलिए इन दोनों नेताओं को पार्टी आलाकमान ने लगाया है.
भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने पार्टी के दिग्गज नेता भूपेंद्र यादव को महाराष्ट्र का चुनाव प्रभारी बनाया है. उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य और कर्नाटक के पूर्व विधायक लक्ष्मण सवदी को सह प्रभारी नियुक्त किया गया है. महाराष्ट्र में इन तीनों नेताओं के कंधों पर जिम्मेदारी सौंपकर मास्टर स्ट्रोक चला है.
भूपेंद्र यादव गुजरात चुनाव के प्रभारी रहते हुए महाराष्ट्र की सियासत को काफी करीब से देखा है. इसके अलावा, बिहार समेत कई राज्यों की चुनावी जंग जीतने की रणनीति में भूपेंद्र यादव की अहम भूमिका रही है. ऐसे में उनके साथ डिप्टी सीएम केशव मौर्य के जरिए उत्तर भारतीय मतदाताओं को साधने की भाजपा ने रणनीति बनाई है. महाराष्ट्र में बड़ी तादाद में उत्तर भारतीय मतदाता हैं, जिन्हें कांग्रेस नेता लंबे समय तक अपने पाले में जोड़कर रखे हुए हैं. कांग्रेस के सियासी समीकरण को तोड़ने के लिए भाजपा ने केशव मौर्य को लगाया है. कर्नाटक से महाराष्ट्र सटा हुआ है. ऐसे में भाजपा ने कर्नाटक से सटे महाराष्ट्र के मतदाताओं को साधने के जिम्मेदारी पूर्व विधायक लक्ष्मण सवदी को दी है.
अमित शाह ने झारखंड की चुनावी जंग जिताने की जिम्मेदारी पार्टी के दिग्गज नेता ओम प्रकाश माथुर को दी है. साथ ही बिहार सरकार में मंत्री नंद किशोर यादव को सह प्रभारी नियुक्त किया गया है. दोनों नेता संगठन की बेहतर समझ रखते हैं. ओम माथुर ने जहां महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश में भाजपा की जीत में अहम भूमिका अदा की थी. ऐसे में उनके ट्रैक रिकॉर्ड को देखते हुए झारखंड की जिम्मेदारी सौंपी गई है.
बिहार से अलग होकर झारखंड राज्य बना है. दोनों प्रदेशों की सीमाएं लगी है. ऐसे में बिहार का अब भी झारखंड की सियासत में प्रभाव है. आरजेडी और जेडीयू दोनों पार्टियां झारखंड के सियासी रण में ताल ठोकने का ऐलान कर चुके हैं. इसी के मद्देनजर भाजपा ने बिहार के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और मौजूदा मंत्री नंद किशोर यादव को जिम्मेदारी सौंपी है.
भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने केंद्रीय मंत्री और पार्टी के दिग्गज नेता नरेंद्र सिंह तोमर को हरियाणा विधानसभा चुनाव प्रभारी बनाया गया है, वहीं, भूपेंद्र सिंह को सह प्रभारी बनाया गया है. हरियाणा की सियासत में किसानों का बड़ा दखल रहता है. ऐसे में किसानों को साधने के लिए नरेंद्र मोदी सरकार में कृषि और पंचायत मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर के कंधों पर हरियाणा चुनाव की जिम्मेदारी संभाली है.
हरियाणा में 27 फीसदी जाट समुदाय किंगमेकर की भूमिका है. ऐसे में भाजपा ने गैर-जाट के साथ जाट समुदाय को साधने के लिए जाट बिरादरी में बड़ा दखल रखने वाले चौधरी भूपेंद्र सिंह को जिम्मेदारी सौंपी है. भूपेंद्र सिंह मौजूदा समय में योगी आदित्यनाथ सरकार में पंचायतीराज (स्वतंत्र प्रभार) एवं लोक निर्माण राज्यमंत्री हैं.
हरियाणा, झारखंड और महाराष्ट्र में अक्टूबर में विधानसभा चुनाव होने हैं. आम चुनाव की जीत से उत्साहित भाजपा ने हरियाणा में मिशन-75, झारखंड में टारगेट-65 और महाराष्ट्र में 220 प्लस सीटें जीतने का लक्ष्य पहले से तय कर रखा है. माना जा रहा है कि तीन राज्यों के साथ-साथ दिल्ली के विधानसभा चुनाव हो सकते हैं.  

MOLITICS SURVEY

क्या आरक्षण पर मोहन भागवत के बयान से चुनावों में बीजेपी को नुकसान होगा?

TOTAL RESPONSES : 5

Raise Your Voice
Raise Your Voice 

Suffering From Problem In Your Area ? Now Its Time To Raise Your Voice And Make Everyone Know