मदद के लिए हमेशा तत्पर रहीं सुषमा, पंजाबी युवक का मजाक उड़ाने पर ऐसे लगाई थी फटकार
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मदद के लिए हमेशा तत्पर रहीं सुषमा, पंजाबी युवक का मजाक उड़ाने पर ऐसे लगाई थी फटकार

By Jagran calender  07-Aug-2019

मदद के लिए हमेशा तत्पर रहीं सुषमा, पंजाबी युवक का मजाक उड़ाने पर ऐसे लगाई थी फटकार

 पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज अपने प्रखर भाषणों के लिए तो जानी ही जाती थीं, लेकिन सोशल मीडिया पर हल्का-फुल्का मजाक करने से भी नहीं चूकती थीं। कई बाद मजाक-मजाक में वह लोगों को फटकार भी लगा देतीं और सामने वाले को इसका अहसास भी नहीं होता था।
इसी वर्ष मार्च में एक पंजाबी व्यक्ति ने ट्वीट कर सुषमा स्वराज से मदद मांगी। युवक ने लिखा कि वह किसी कारणवश मलेशिया में फंसा है और भारत लौटना चाहता है। उसने मदद के लिए गुहार लगाई। युवक का ट्वीट टूटी-फूटी अंग्रेजी में था। इसमें काफी गलतियां थीं। इस पर एक अन्य यूजर ने मजाक उड़ाते हुए लिखा कि भाई हिंदी या अंग्रेजी में ही लिख लेता। इतनी सारी गलतियां हैं। यह बात सुषमा स्वराज को नागवार गुजरी।
सुषमा ने युवक को सुरक्षित भारत लाने का आश्वासन तो दिया ही, लेकिन मजाक उड़ाने वाले यूजर को भी फटकार लगाई। उन्होंने जो जवाब दिया, वह लाजवाब था। उन्होंने लिखा- 'आपको हौसला अफजाई करनी चाहिए। मैंने भी विदेश मंत्री बनने के बाद अंग्रेजी भाषा के सभी उच्चारण और व्याकरण के बारे में सीखा है।' उनके इस जवाब की ट्विटर पर लोगों ने खूब सराहना की और मजाक उड़ाने वाले यूजर की अच्छे से खिंचाई की। वे विदेश में फंसे पंजाबियों की मदद के लिए हमेशा तत्पर रहीं।
फर्जी ट्रैवल एजेंटों की ठगी का शिकार हुए आर्मीनिया में फंसे चार पंजाबी युवक 10 फरवरी को सकुशल भारत लौटे थे। युवाओं ने दिल्ली के इंटरनेशन इंदिरा गांधी एयरपोर्ट पर आप सांसद भगवंत मान के साथ मुलाकात के दौरान विदेश मंत्रालय और विदेश मंत्री सुषमा स्वराज का विशेष धन्यवाद किया था। क्योंकि उनके दबाव में ही फर्जी ट्रैवल एजेंटों के खिलाफ मामला दर्ज हुआ था। युवकों ने बताया कि सोशल मीडिया पर अपील पर विदेश मंत्रालय ने सक्रियता दिखाई और वे सकुशल स्वदेश लौट सके।
इराक में 39 भारतीयों समेत मारे गए पंजाबियों के अवशेष लाने के लिए सुषमा स्वराज ने पूरी ताकत झोंक दी थी। उन्हीं के प्रयासों की बदौलत इराक के बेहद खतरनाक इलाके की पहाड़ी की खुदाई करवाकर शवों के अवशेष निकाले जा सके। उनके डीएनए की पहचान कर वायुसेना के विशेष विमान से अवशेष अमृतसर एयरपोर्ट पर पहुंचाए गए और फिर उनके परिजनों को सौंपे गए। उन्होंने इस बात पर बेहद दुख जताया था कि वे पंजाबी युवकों को जिंदा वापस नहीं ला सकीं।
 

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