देहरादून में कश्मीरी छात्र-छात्राओं के फ़ोन हुए बंद, डीएम ने मांगी इंटेलिजेंस से रिपोर्ट
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देहरादून में कश्मीरी छात्र-छात्राओं के फ़ोन हुए बंद, डीएम ने मांगी इंटेलिजेंस से रिपोर्ट

By News18 calender  05-Aug-2019

देहरादून में कश्मीरी छात्र-छात्राओं के फ़ोन हुए बंद, डीएम ने मांगी इंटेलिजेंस से रिपोर्ट

कश्मीर में बढ़ते तनाव के बीच देहरादून में कश्मीरी छात्र-छात्राओं को लेकर असमंजस की स्थिति है. हालत यह है कि कश्मीरी छात्रों के फ़ोन बंद हो गए हैं और फ़िलहाल उनसे संपर्क नहीं हो पा रहा है. ज़िला प्रशासन का कहना है कि वह इंटेलिजेंस रिपोर्ट मंगवा रहा है और उसके आधार पर ही आगे कोई कार्रवाई की जाएगी. बता दें कि देहरादून में बड़ी संख्या में कश्मीरी छात्र-छात्राएं पढ़ते हैं और पुलवामा हमले के बाद सोशल मीडिया, लोगों के सामेन की गई टिप्पणियों के चलते कश्मीरी छात्र-छात्राओं को लोगों के गुस्से का सामना करना पड़ा था और बड़ी संख्या में ये छात्र-छात्राएं वापस चले गए थे.
उत्तराखंड में हज़ारों की संख्या में कश्मीरी छात्र-छात्राएं रहते हैं. ख़ासकर देहरादून में उच्च शिक्षा के लिए बड़ी संख्या में ये छात्र-छात्राएं रहते हैं. पुलवामा हमले के समय ये कश्मीरी छात्र-छात्राएं गलत कारणों से सुर्खियों में आ गए और लोगों के गुस्से का शिकार तक बने थे.
दरअसल पुलवामा में सीआरपीएफ़ के काफ़िले पर आतंकी हमले का समर्थन करते हुए एक कश्मीरी छात्र ने फेसबुक पर कमेंट कर दिया था. वह छात्र देहरादून के ही एक संस्थान में पढ़ता था. इसके बाद एक हिंदूवादी संगठन ने उस कॉलेज में पढ़ने वाले कश्मीरी छात्रों पर हमला कर दिया था. हालांकि बाद में हमलावरों पर केस दर्ज कर लिया गया था.

इसके अलावा देहरादून में ही पुलवामा के शहीदों के समर्थन में जब स्थानीय लोग कैंडल मार्च निकाल रहे थे तो कुछ कश्मीरी छात्राओं ने पाकिस्तान के समर्थन में नारेबाज़ी कर दी थी. इससे भी स्थानीय लोग भड़क गए थे और पुलिस ने बड़ी मुश्किल से उन छात्राओं को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया था. इन दोनों घटनाक्रमों के बाद उत्तराखंड और ख़ासकर देहरादून से बहुत से कश्मीरी छात्र-छात्राएं वापस अपने घर चले गए थे और मामला शांत होने के कई दिन बाद लौटे थे.
कश्मीर के ताज़ा हालात से एक बार फिर कश्मीरी स्टूडेंट्स सुर्खियों में आ गए हैं. हालांकि न्यूज़ 18 ने जिन भी कश्मीरी छात्र-छात्राओं से बात करने की कोशिश की उन सभी के फ़ोन बंद मिले. हालांकि इसकी वजह यह हो सकती है कि कश्मीर में सभी मोबाइल फ़ोन बंद कर दिए गए हैं और इन कश्मीरी छात्र-छात्राओं के पास कश्मीर के ही नंबर हों.
इस बीच देहरादून के ज़िलाधिकारी रविशंकर ने कहा कि अभी ज़िला प्रशासन ने कोई अलर्ट जारी नहीं किया है हालांकि इटेंलिजेंस से हालात पर रिपोर्ट मांगी गई है. ज़िलाधिकारी ने कहा कि वह इस मामले पर नज़र रखे हुए हैं और इंटेलिजेंस रिपोर्ट के आधार पर ही कोई निर्णय लिया जाएगा.

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