पहली बार जनगणना में मोबाइल नंबर, बैंक अकाउंट्स भी बताने होंगे, छिपी रहेगी जाति
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पहली बार जनगणना में मोबाइल नंबर, बैंक अकाउंट्स भी बताने होंगे, छिपी रहेगी जाति

By Tv9bharatvarsh calender  03-Aug-2019

पहली बार जनगणना में मोबाइल नंबर, बैंक अकाउंट्स भी बताने होंगे, छिपी रहेगी जाति

2021 में होने वाली जनगणना की तैयारियां शुरू कर दी गई हैं. पहली बार भारतीय नागरिकों से तकनीकी जानकारियां मांगी जाएंगी. जनगणना अधिकारियों को घर के कितने सदस्‍यों के पास बैंक अकाउंट है, ये बताना होगा. इसके अलावा स्‍मार्टफोन्‍स, DTH/केबल टीवी कनेक्‍शन, इंटरनेट एक्‍सेस, घर के मालिकाना हक, बोतलबंद पानी की उपलब्‍धता से जुड़ी जानकारी भी देनी होगी.
Census 2021 में जाति से जुड़ा डेटा नहीं इकट्ठा किया जाएगा. 2011 की जनगणना में सामाजिक-आर्थिक जातिगत जनगणना भी हुई थी, मगर इसके आंकड़े अब तक सार्वजनिक नहीं किए गए हैं. टाइम्‍स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, मंत्रालय को दिक्‍कत ये आई कि बहुत से लोगों ने एक ही जाति की अलग-अलग स्‍पेलिंग लिखी. कई ने गोत्र को जाति बता दिया. इस वजह से विभिन्‍न जातियों के 40 लाख से ज्‍यादा कॉम्बिनेशन मिले और कोई ठोस आंकड़ा नहीं मिल पाया.
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घर में कितने पुरुष-स्‍त्री, Census 2021 में नहीं बताना होगा
2021 की जनगणना में घरों से 34 पैरामीटर्स पर जानकारी मांगी जाएगी. घर में कितने महिला और कितने पुरुष हैं, ये बात अब नहीं पूछी जाएगी. इस बार जनगणना में थर्ड जेंडर की लिस्टिंग भी होगी. घरों से जानकारियां जुटाने के लिए अप्रैल 2020 से सितंबर 2020 तक का समय तय किया गया है. इसके अलावा निजी जानकारियां 9 फरवरी से 28 फरवरी, 2021 के बीच मांगी जाएंगी. देश की जनसंख्‍या का आंकड़ा 1 मार्च, 2021 को जारी किया जाएगा.

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