आजम खान की यूनिवर्सिटी में मिलीं 1774 में चोरी हुईं किताबें, 4 हिरासत में
Latest News
bookmarkBOOKMARK

आजम खान की यूनिवर्सिटी में मिलीं 1774 में चोरी हुईं किताबें, 4 हिरासत में

By Aaj Tak calender  30-Jul-2019

आजम खान की यूनिवर्सिटी में मिलीं 1774 में चोरी हुईं किताबें, 4 हिरासत में

उत्तर प्रदेश के रामपुर में जौहर यूनिवर्सिटी पर प्रशासन ने छापा मारा है. इस दौरान पुलिस को करीब 300 किताबें अभी तक मिल चुकी हैं. पुलिस का कहना है ये किताबें चोरी की गई थीं. ये किताबें करीब 100 से 150 साल पुरानी हैं. इस मामले में अब तक यूनिवर्सिटी के 4 कर्मचारियों को हिरासत में लिया गया है. पुलिस कप्तान अजय पाल शर्मा का कहना है कि 1774 में रामपुर में स्थापित मदरसा आलिया से प्राचीन पुस्तकें चोरी हुई थीं, जो जौहर यूनिवर्सिटी की लाइब्रेरी से हुई  बरामद हुई हैं.
जौहर यूनिवर्सिटी समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और सांसद आजम खान की है. इस वक्त यूनिवर्सिटी के बाहर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात है. प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी यूनिवर्सिटी कैंपस के अंदर हैं, और तलाशी अभियान चला रहे हैं. रिपोर्ट के मुताबिक मदरसा आलिया की किताबों की गुमशुदगी को लेकर ये छापा मारा गया है. जौहर यूनिवर्सिटी के अंदर बने मुमताज सेंट्रल लाइब्रेरी में सीओ समेत पुलिस अधिकारी जांच कर रहे हैं.पुलिस ने यहां से 4 लोगों को हिरासत में लिया है. मौके पर पुलिस अधीक्षक अजयपाल शर्मा और अपर पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार मौजूद हैं.
इससे पहले भी जौहर यूनिवर्सिटी के खिलाफ प्रशासन ने कई मामले दर्ज किए थे और कार्रवाई के आदेश दिए थे. 25 जुलाई को रामपुर के उपजिलाधिकारी ने यूनिवर्सिटी के अंदर से गुजर रहे सार्वजनिक मार्ग से अनाधिकृत कब्जा हटाने को कहा था. इसके अलावा प्रशासन ने आजम खान को क्षतिपूर्ति के रूप में 3 करोड़ 27 लाख 60 हजार देने को कहा है. आजम खान को कब्जा मुक्त होने तक 9,10,000 प्रति माह की दर से लोक निर्माण विभाग को देने का आदेश दिया गया है. 
25 जुलाई को अदालत ने जौहर यूनिवर्सिटी की 7 हेक्टेयर जमीन के पट्टे को रद्द कर दिया था. यह जमीन 2013 में 30 साल के लिए मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट के संयुक्त सचिव नसीर अहमद खान के नाम से लीज पर ली गई थी.
आले हसन के खिलाफ लुक आउट नोटिस
इस बीच उत्तर प्रदेश पुलिस ने जौहर यूनिवर्सिटी के पदाधिकारी आले हसन के खिलाफ लुक आउट नोटिस जारी किया है. आले हसन आजम खान के करीबी सहयोगी हैं, उनके अंतर्राष्ट्रीय हवाईअड्डों, बंदरगाहों और जमीनी सीमाओं पर लुक आउट नोटिस (एलओसी) जारी किया गया है. रामपुर के पुलिस अधीक्षक अजय पाल शर्मा ने कहा कि जमीन पर कब्जा करने और जबरन बसूली के 27 मामलों में आरोपी हसन के खिलाफ एलओसी जारी कर दिया गया है.
यूपी पुलिस से सेवा रिटायर होने के बाद हसन वर्तमान में सुरक्षा प्रभारी हैं और आजम खान की मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी में तैनात है. रामपुर के एसपी ने कहा, "मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी के प्रशासनिक अधिकारी और प्रबंधक को नोटिस भेज कर उस जमीन के दस्तावेज प्रस्तुत करने के लिए कहा गया है जिसके लिए यूनिवर्सिटी और उसके कुलाधिपति ने किसानों से खरीदने का दावा किया था. किसानों ने अब उनके खिलाफ मामला दर्ज कराया है".

MOLITICS SURVEY

क्या आरक्षण पर मोहन भागवत के बयान से चुनावों में बीजेपी को नुकसान होगा?

TOTAL RESPONSES : 28

Raise Your Voice
Raise Your Voice 

Suffering From Problem In Your Area ? Now Its Time To Raise Your Voice And Make Everyone Know