जानें, कैसा होगा RSS का पहला आर्मी स्कूल
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जानें, कैसा होगा RSS का पहला आर्मी स्कूल

By Navbharattimes calender  29-Jul-2019

जानें, कैसा होगा RSS का पहला आर्मी स्कूल

राष्‍ट्रीय स्‍वयंसेवक संघ (आरएसएस) अगले साल अप्रैल से एक 'आर्मी' स्‍कूल खोलने वाला है जहां बच्‍चों को सशस्‍त्र बलों में अधिकारी बनने के लिए प्रशिक्षण दिया जाएगा। यह आरएसएस का पहला आर्मी स्‍कूल होगा और इसका नाम आरएसएस के सरसंघचालक राजेंद्र सिंह उर्फ रज्‍जू भैया के नाम पर रज्‍जू भैया सैनिक विद्या मंदिर रखा जाएगा। 

यूपी के बुलंदशहर जिले के शिकारपुर में खुलने वाले इस स्‍कूल का संचालन आरएसएस के एजुकेशन विंग विद्या भारती के हाथों में होगा। शिकारपुर में ही 1922 में रज्‍जू भैया का जन्‍म हुआ था। इसमें सीबीएसई बोर्ड का सिलेबस पढ़ाया जाएगा। यहां क्‍लास 6 से 12वीं तक के छात्र पढ़ेंगे। फिलहाल इसका निर्माणकार्य चल रहा है।
देश में अपनी तरह का पहला प्रयोग 
विद्या भारती उच्‍च शिक्षा संस्‍थान के पश्चिमी यूपी और उत्‍तराखंड के संयोजक अजय गोयल कहते हैं, 'यह देश में हमारा पहला प्रयोग है, अगर सफल रहा तो देश के दूसरे हिस्‍सों में भी ऐसा किया जाएगा।' गौरतलब है कि विद्या भारती देश में 20 हजार से अधिक स्‍कूलों का संचालन करता है। 

शहीदों के बच्‍चों के लिए 56 सीटें आरक्षित 
गोयल ने हमारे सहयोगी इकनॉमिक टाइम्‍स को बताया, 'स्‍टूडेंट्स के पहले बैच का प्रॉस्‍पेक्‍टस लगभग तैयार है अगले महीने से हम आवेदन मंगाना शुरू कर देंगे। पहले बैच के लिए हम 6ठी क्‍लास में 160 बच्‍चों को प्रवेश देंगे। इनमें से 56 सीटें शहीद सैनिकों के बच्‍चों के लिए रिजर्व होंगी।' बताया जा रहा है कि सितंबर में रिटायर्ड आर्मी अफसर अपने सुझाव देने के लिए बैठक करने वाले हैं। 

40 करोड़ आएगा खर्चा यह स्‍कूल 20 हजाार स्‍क्‍वेयर मीटर के क्षेत्र में बनाया जा रहा है। यह जमीन एक पूर्व सैनिक और किसान राजपल सिंह ने दान की थी। साल 2018 में 24 अगस्‍त से इसका निर्माण कार्य शुरू हुआ था। अब यह जमीन राजपाल सिंह जनकल्‍याण सेवा समिति ट्रस्‍ट की संपत्ति है। इस स्‍कूल में पढ़ने के लिए तीन मंजिला इमारत होगी, एक तीन मंजिला हॉस्‍टल होगा, एक डिस्‍पेंसरी, स्‍टाफ के लिए आवास और एक विशाल स्‍टेडियम होगा। इसकी अनुमानित लागत 40 करोड़ रुपये आंकी गई है। 
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आरएसएस शुरू से करता रहा है आर्मी एजुकेशन की वकालत आरएसएस शुरू से ही स्‍कूल स्‍तर पर आर्मी एजुकेशन और ट्रेनिंग की वकालत करता रहा है। असल में, नासिक का भोंसला मिलिट्री स्‍कूल इसी मॉडल पर चल रहा है, इसकी स्‍थापना 1937 में बीएस मुंजे ने की थी। मुंजे आरएसएस के संस्‍थापक केबी हेडगेवार के गुरु थे। हालांकि, आरएसएस के नेता स्‍कूल में होने वाले कार्यक्रमों में उपस्थित होते रहे हैं लकिन वह इसके संचालन में सीधे तौर पर शामिल नहीं हैं। इस स्‍कूल का संचालन सेंट्रल हिंदू मिलिट्री एजुकेशन सोसायटी करती है। 

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