संसद में हो रही विधेयकों की बारिश, आखिर क्यों?
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संसद में हो रही विधेयकों की बारिश, आखिर क्यों?

By Navbharattimes calender  26-Jul-2019

संसद में हो रही विधेयकों की बारिश, आखिर क्यों?

17वीं लोकसभा के पहले सत्र में विधेयकों की संख्या के मामले में 15 साल का रेकॉर्ड टूट गया है। जारी संसद सत्र में अब तक 12 विधेयक पास हो चुके हैं जबकि कम-से-कम 10 और विधेयकों के पेश किए जाने की संभावना है। इससे पहले साल 2004 के पहले बजट सत्र में महज छह विधेयक ही पास हुए थे। वहीं, वर्ष 2009 में 15वीं लोकसभा के पहले बजट सत्र में 8 विधेयक पास हुए थे। नई लोकसभा के गठन के पहले सत्र में पास होने वाले विधेयकों की संख्या में पहली बार अच्छी-खासी बढ़ोतरी 2014 में हुआ जब 16वीं लोकसभा के पहले बजट सत्र में 12 बिल पास हुए। 
इस बार संसद में विधेयकों की बारिश के कारण जारी सत्र का लंबा होना भी है। सरकार ने इस बार संसद के पहले सत्र को, जिसमें निर्वाचित सांसदों का शपथ ग्रहण और दोनों सदनों के संयुक्त अधिवेशन में राष्ट्रपति का अभिभाषण होता है, बजट सत्र से जोड़ दिया जो अपने आप में अपवाद है। 2004 में गठित 14वीं लोकसभा से लेकर 2014 में गठित 16वीं लोकसभा तक, पहले सत्र में कोई विधायी कार्य नहीं हुए थे। इस बार के सत्र की पहली मियाद आज ही खत्म होने वाली थी, लेकिन एक दिन पहले इस बढ़ाकर 7 अगस्त करने का निर्णय किया गया। 

अध्यादेशों की लंबी सूची 
सरकार ने इसी साल फरवरी और मार्च महीने में कई अध्यादेश लागू किए थे जिन्हें कानून की शक्ल देने का दबाव है। सरकार को अभी कम-से-कम अपने 10 अध्यादेशों को कानून में तब्दील करना होगा क्योंकि इनकी मियाद 45 दिनों के अंदर खत्म हो जाएगी। इससे पहले संसद सत्र आहूत नहीं किया जा सकता है। 
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पूर्ण बहुमत का फायदा 
लोकसभा में सत्तापक्ष के सदस्यों की बड़ी संख्या और बेहद कमजोर विपक्ष के कारण सरकार को संसद के इस निचले सदन में विधेयकों को संसूचित करवाने और फिर इन्हें पास करवाने में किसी बाधा का सामना नहीं करना पड़ रहा है। बीजेडी जैसी कुछ समान विचारधारा वाली पार्टियों के समर्थन से सरकार का काम और भी आसान हो जा रहा है। हालांकि, विपक्ष का आरोप है कि सरकार विधेयकों को पास कराने में इतनी हड़बड़ी दिखा रही है कि कई बार पर्याप्त बहस के बिना और सदन में हो-हंगामे एवं सदस्यों के वॉकआउट के दौरान भी विधेयकों को मंजूरी दे जा रही है। 
तेजी से काम करने की ललक 
मोदी सरकार महत्वपूर्ण विधेयकों को पास करवाने की जल्दबाजी में इसलिए भी है ताकि वह अपने कार्यक्रम को लागू करने की दिशा में जल्द-से-जल्द कदम बढ़ा सके। 

तीन तलाक बिल पास 
लोकसभा ने गुरुवार को लंबी बहस के बाद तीन तलाक बिल भी पास कर दिया। आरटीआई संशोधन विधेयक पर कांग्रेस की अगुवाई में पूरा विपक्ष राज्यसभा में सत्ता पक्ष के सामने मजबूत के साथ खड़ी हो गई। विपक्ष सूचना का अधिकार कानून में संशोधन वाले इस विधेयक को सिलेक्ट कमिटी (चयन समिति) के पास भेजने पर अड़ गया था। हालांकि, सदन की कार्यवाही चार बार स्थगित होने के बाद आखिरकार बिल पास हो गया।

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