कर्नाटक ड्रामे में यूं 'मैन ऑफ द मोमेंट' रहे स्पीकर
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कर्नाटक ड्रामे में यूं 'मैन ऑफ द मोमेंट' रहे स्पीकर

By Navbharattimes calender  24-Jul-2019

कर्नाटक ड्रामे में यूं 'मैन ऑफ द मोमेंट' रहे स्पीकर

कर्नाटक में पखवाड़े भर से चल रहे सियासी ड्रामे का समापन आखिरकार हो गया। विश्वास प्रस्ताव को लेकर चली लंबी बहस के बाद स्पीकर केआर रमेश कुमार ने मंगलवार को सदन में इस पर वोटिंग कराई। विधानसभा में विश्वास मत प्रस्ताव पर वोटिंग में सत्ता पक्ष को महज 99 वोट मिले, जबकि बीजेपी के पक्ष में 105 वोट पड़े। इस तरह से एक बार फिर बिना कार्यकाल पूरा किए कुमारस्वामी की सरकार गिर गई। इस पूरे घटनाक्रम के दौरान राज्य विधानसभा के अध्यक्ष रमेश कुमार लगातार केंद्रीय भूमिका में रहे। 
वरिष्ठ कांग्रेसी कुमार ने विश्वास प्रस्ताव पर लंबी बहस के जरिए मामले को काफी लंबे समय तक लटकाए रखा। इस दौरान उन्होंने राज्यपाल के निर्देशों को भी दरकिनार कर दिया और पूरी बहस के बाद ही विश्वास प्रस्ताव पर वोटिंग के लिए तैयार हुए। वह सुप्रीम कोर्ट से भी अड़ गए थे। पूरे मामले के दौरान कुमार पर कई बार पक्षपात के आरोप भी लगे लेकिन वह अपने फैसले को लेकर अडिग रहे। 

टीवी सीरियल में नेता का निभाया किरदार 
दूसरी बार स्पीकर बने रमेश कुमार टीवी इंडस्ट्री में भी काम कर चुके हैं। वह कई कन्नड़ टीवी सीरियल्स में राजनेता का रोल निभा चुके हैं। ऐसे में विधानसभा में भी संवाद अदायगी के प्रति उनके प्यार को कई बार देखा-सुना जा चुका है। कई बार वह सदन में पंचलाइन बोलते दिख चुके हैं। 

'विधायकों से ज्यादा खुद बोलते हैं सदन में' 
कुमार के विरोधी उनके बारे में आरोप लगाते हैं कि सदन में विधायकों से ज्यादा वह खुद बोलते हैं। रमेश कुमार साइंस से ग्रैजुएट हैं और उन्होंने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत 1978 से की थी। तब उन्होंने कोलार के श्रीनिवासपुरा से निर्दलीय चुनाव जीता था। उसके बाद से उनके करियर में काफी उतार-चढ़ाव दिखाई दिया। वह पांच बार चुनाव जीते और चार बार अपने धुर विरोधी जीवी वेंकटशिवा रेड्डी से हार गए। पिछले साल उन्हें सर्वसम्मति से विधानसभा का स्पीकर चुना गया था। 
कई बार झेलनी पड़ी है शर्मिंदगी 
कुमार अपने बयानों की वजह से भी कई बार चर्चा में रहे हैं। इसकी वजह से उन्हें कई बार शर्मिंदगी भी झेलनी पड़ी है। बीते दिनों सदन में उन्होंने असंवेदनशील बयान देते हुए खुद की तुलना रेप पीड़िता से कर दी थी जिससे बार-बार सवाल किए जाते हैं। उन्होंने एक ऑडियो टेप को लेकर इशारा किया था जिसमें बीजेपी द्वारा एक जेडीएस विधायक को लुभाने का प्रयास किया जा रहा था और इसमें रमेश कुमार का नाम भी लिया गया था। इसके बाद उन्हें सार्वजनिक रूप से माफी भी मांगनी पड़ी थी। 

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