26 सालों का लंबा सफर... अभी और कितना चलना होगा?
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26 सालों का लंबा सफर... अभी और कितना चलना होगा?

By Punjab Kesari calender  20-Jul-2019

26 सालों का लंबा सफर... अभी और कितना चलना होगा?

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने आगामी 6 माह में होने वाले दिल्ली विधानसभा चुनाव को देखते हुए कच्ची कॉलोनियों में रहने वाले लोगों को अपने मकान का मालिकाना हक मिलने एवं इन कॉलोनियों में जल्द रजिस्ट्री प्रारम्भ करने की घोषणा की है। पर, सच्चाई यह भी है कि जब-जब चुनाव आता है, अनधिकृत कॉलोनियों को नियमित करने का मुद्दा जोर शोर से उठाया जाता है और चुनाव समाप्त होते ही ठंडे बस्ते में डाल दिया जाता है। 

सुप्रीम कोर्ट से संस्तुति लेनी होगी
दिल्ली नगर निगम में निर्माण संबंधी मामलों की समिति के पूर्व चेयरमैन जगदीश ममगाई ने उक्त जानकारी देते हुए बताया कि पिछले 5 दशकों में अनियमित कॉलोनियों के निमित्त कई नीतियां बनी एवं निर्णय हुए, जिन्हें समय-समय पर लागू किया गया। चूंकि सुप्रीम कोर्ट में दिल्ली भूमि उपयोग पर एमसी मेहता बनाम भारत संघ की 29 अगस्त 2000 को दायर याचिका प्रक्रियाधीन है और इस दिशा-निर्देशों को सुप्रीम कोर्ट से भी संस्तुति प्राप्त थी। इसके बावजूद इन दिशा-निर्देशों को लागू कर एक भी कॉलोनी केन्द्र व राज्य सरकार के प्रयास से नियमित नहीं हुई। ऐसे में नए सिरे से फिर दिशानिर्देश तैयार करने का औचित्य क्या है? 

कब-कब क्या हुआ
वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव से पूर्व 6 मार्च 2019 को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सरकार की आखिरी केंद्रीय कैबिनेट द्वारा दिल्ली में स्वामित्व या हस्तांतरण अधिकारों को प्रदान करने के लिए अपनाई जाने वाली प्रक्रिया की सिफारिश करने के लिए उपराज्यपाल की अध्यक्षता में एक 10 सदस्य समिति का गठन किया था। 29 दिसम्बर 2014 को भी दिल्ली विधानसभा चुनाव को नजर में रखते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी कैबिनेट ने 2000 अनधिकृत कॉलोनियों के नियमितिकरण की घोषणा की थी।

वर्ष 2012 में भी कॉलोनियों को नियमित करने की अधिसूचना केन्द्र सरकार द्वारा जारी हुई थी, वर्ष 2013 में दिल्ली विधानसभा चुनाव था। दिसम्बर 2008 के दिल्ली विधानसभा चुनाव से दो माह पहले ही अक्तूबर 2008 में तत्कालीन दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने अनधिकृत कॉलोनियों को नियमित करने के नाम पर छत्रसाल स्टेडियम में सोनिया गांधी के हाथों अंतरिम प्रोविजनल प्रमाण पत्र वितरित कराए थे। 

अब मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने एक नवम्बर 2015 तक निर्मित अनधिकृत कॉलोनियों को नियमित किए जाने की घोषणा की है लेकिन क्या दिल्ली सरकार के पास 1 नवम्बर 2015 तक निर्मित कॉलोनियों की वैधानिक जानकारी है। क्या उन्होंने इसके निमित्त कोई सर्वे कराया है? क्या कॉलोनियों की हदबंदी (बाउंड्री) की गई है? 

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