वाहनों के चालान से मिलने वाली राशि का 50 % सड़क सुरक्षा पर खर्च: पंवार
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वाहनों के चालान से मिलने वाली राशि का 50 % सड़क सुरक्षा पर खर्च: पंवार

By Khaskhabar calender  03-Jul-2019

वाहनों के चालान से मिलने वाली राशि का 50 % सड़क सुरक्षा पर खर्च: पंवार

हरियाणा के परिवहन मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने कहा कि राज्य सरकार ने सडक़ सुरक्षा को गंभीरता से लेते हुए एक अहम पहल की है जिसके तहत वाहनों के चालान से मिलने वाली राशि का 50 प्रतिशत सडक़ सुरक्षा पर खर्च किया जा रहा है। परिवहन मंत्री आज यहां उत्तरी राज्यों- हरियाणा, पंजाब, केंद्रीय शासित प्रदेश चंडीगढ़, राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली, हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, राजस्थान और जम्मू एवं कश्मीर के परिवहन मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ मोटर वाहन कर के सामान्यीकरण, पारस्परिक सांझा अनुबंध (रेसीप्रोकल कॉमन ट्रांसपोर्ट एग्रीमेंट) पर हस्ताक्षर करने तथा संबंधित राज्यों में निजी उदेश्यों के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले वाहनों पर कर की दरें समान करने से संबंधित एक बैठक की अध्यक्षता करने उपरांत आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में बोल रहे थे। बैठक में जिन राज्यों के परिवहन मंत्रियों ने भाग लिया उनमें उत्तर प्रदेश से स्वतंत्र देव सिंह, पंजाब से रजिया सुल्तान, हिमाचल प्रदेश से गोविंद सिंह ठाकुर और दिल्ली से कैलाश गहलोत शामिल हैं। 

पंवार ने बैठक में शामिल हुए विभिन्न उत्तरी राज्यों के परिवहन मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि आज की बैठक में साथी मंत्रियों के माध्यम से कई अहम सुझाव प्राप्त हुए हैं। उन्होंने कहा कि समान जीएसटी से सभी प्रदेशों में व्यापार की बढ़ोतरी हुई है। इसी तरह परिवहन से संबंधित कर भी समान होना चाहिए क्योंकि पड़ौसी राज्यों में कर की दरें कम होने के चलते कर चोरी की संभावना बढ़ जाती है जिससे सभी राज्यों को नुकसान होता है। उन्होंने कहा कि आज की बैठक में जिन मुददों पर चर्चा हुई है उन पर अपने-अपने राज्यों में विचार-विमर्श किया जाएगा और इस संबंध में शीघ्र ही दिल्ली में एक बैठक आयोजित की जाएगी। उन्होंने कहा कि वर्ष 1986 में उत्तर प्रदेश और हरियाणा में परिवहन सुविधाएं बढ़ाने को लेकर एक समझौता हुआ था जिसे हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ के अथक प्रयासों से अमलीजामा पहनाया गया है। इस समझौते के तहत उत्तर प्रदेश की बसें हरियाणा में प्रतिदिन 50 हजार किलोमीटर जबकि हरियाणा की बसें उत्तर प्रदेश में 60 हजार किलोमीटर चलेंगी। 

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