देश की स्वास्थ्य रैंकिंग में पिछड़ा गुजरात, 62% अंक ही मिले, CM रुपाणी अधिकारियों से खफा हुए
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देश की स्वास्थ्य रैंकिंग में पिछड़ा गुजरात, 62% अंक ही मिले, CM रुपाणी अधिकारियों से खफा हुए

By One India calender  28-Jun-2019

देश की स्वास्थ्य रैंकिंग में पिछड़ा गुजरात, 62% अंक ही मिले, CM रुपाणी अधिकारियों से खफा हुए

नीति आयोग के राष्ट्रीय स्वास्थ्य सूचकांक में गुजरात का प्रदर्शन इस साल और खराब हुआ है। सरकार ने 2018 में सुधारों के लिए जो दावे किए थे, वे फेल हो गए। जिसकी बदौलत गुजरात केरल, पंजाब और तमिलनाडु जैसे राज्यों की तुलना में काफी पीछे रह गया। कंपोजिट इंडेक्स स्कोर में केरल ने 76.55, पंजाब ने 65.21, तमिलनाडु ने 63.38 अंक हासिल किए। जबकि, गुजरात ने 61.99 अंक प्राप्त किए हैं। यह रैंक देखकर मुख्यमंत्री विजय रुपाणी भी स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से नाराज बताए जा रहे हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, 2019 में गुजरात चौथे स्थान पर रहा है। कुछ बिंदुओं पर गुजरात का प्रदर्शन बेहतर रहा है, लेकिन कई राज्यों की तुलना में गुजरात बेहतर रैंक लाने में विफल रहा। जिसके चलते मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा है, क्योंकि जन्म के समय लिंग अनुपात में गिरावट के साथ-साथ बच्चों और महिलाओं में उच्च कुपोषण की मात्रा ज्यादा पाई गई है। जबकि, अगले साल की रिपोर्ट से पहले राज्य के स्वास्थ्य सूचकांकों में सुधार के लिए एक स्पष्ट कार्य योजना बनाई गई थी। 

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