जानें, 3 तलाक बिल पर क्यों भरोसे में सरकार
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जानें, 3 तलाक बिल पर क्यों भरोसे में सरकार

By Navbharattimes calender  22-Jun-2019

जानें, 3 तलाक बिल पर क्यों भरोसे में सरकार

दोबारा सत्ता में आने के बाद बजट सत्र की शुरुआत में ही मोदी सरकार ने सदन में तीन तलाक बिल को एक बार फिर पेश किया है। शुक्रवार को लोकसभा से यह विधेयक 74 वोटों के मुकाबले 186 मतों के साथ पारित हो गया। अब इस विधेयक की राज्यसभा में परीक्षा होगी। 
इस बिल को पहली बार मोदी सरकार ने अपने पहले कार्यकाल में दिसंबर, 2017 में लोकसभा में पेश किया था। हालांकि तब उच्च सदन में यह विधेयक पारित नहीं हो सका था, जहां बीजेपी और उसके सहयोगी दल अल्पमत में हैं। सरकार ने इसे लगातार दो अध्यादेशों के जरिए जारी रखा है। पहला ऑर्डिनेंस सितंबर 2018 में जारी किया गया था और फिर इसे चुनावी सीजन से कुछ वक्त फरवरी, 2019 में लागू किया गया। किसी भी अध्यादेश की आयु 6 महीने की ही होती है, ऐसे में इस अध्यादेश की अवधि जुलाई में समाप्त हो रही है। इसके चलते सरकार को एक बार फिर से विधेयक लोकसभा में पेश करना पड़ा है। 
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बीजेपी को है नतीजा पक्ष में आने की उम्मीद 
मोदी सरकार को इस बार तीन तलाक विधेयक को राज्यसभा से पारित करा लेने की उम्मीद है। राज्यसभा में फिलहाल 245 सीटें हैं और सरकार को इस विधेयक को मंजूरी दिलाने के लिए 123 मतों की जरूरत होगी। गुरुवार को टीडीपी के 4 राज्यसभा सांसदों के बीजेपी के पाले में आने के बाद पार्टी का आंकड़ा 71 से बढ़कर 75 हो गया है। इसके अलावा एआईएडीएमके के 13, टीआरएस के 6, वाईएसआरसीपी के 2 और बीजेडी के 5 सांसदों का समर्थन भी बीजेपी को मिलने की उम्मीद है। इसके अलावा 5 जुलाई को 6 सीटों पर चुनाव है। यदि यहां बीजेपी और सहयोगियों को जीत मिलती है तो फिर 123 का आंकड़ा जुटाना संभव हो सकता है। 

विधानसभा चुनाव में तीन तलाक बिल का फायदा? 
हरियाणा, महाराष्ट्र और झारखंड जैसे तीन राज्यों में इस साल विधानसभा चुनाव होने हैं। इन तीनों ही राज्यों में अच्छी खासी मुस्लिम आबादी है। झारखंड में सबसे ज्यादा 15 फीसदी मुस्लिम हैं, जबकि महाराष्ट्र में आबादी 11.56 फीसदी और हरियाणा में तकरीबन 7 पर्सेंट हैं। 2019 लोकसभा चुनाव में महिलाओं ने भी बड़ी संख्या में मतदान किया था। ऐसे में सरकार को उम्मीद है कि इस मुद्दे से महिलाओं में वह प्रभाव छोड़ पाएगी। विधानसभा चुनाव में बीजेपी को मुस्लिम महिलाओं से भी कुछ समर्थन मिलने की उम्मीद है। 

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