प्रधानमंत्री मोदी ने योग दिवस के लिए रांची को चुनने के पीछे बताई तीन वजहें
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प्रधानमंत्री मोदी ने योग दिवस के लिए रांची को चुनने के पीछे बताई तीन वजहें

By Bhaskar. calender  21-Jun-2019

प्रधानमंत्री मोदी ने योग दिवस के लिए रांची को चुनने के पीछे बताई तीन वजहें

पांचवें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश और दुनिया को शुभकामनाएं दीं। यहां के प्रभात तारा मैदान में पीएम मोदी ने यहां अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाने के पीछे तीन वजहें खुद बतायी। उन्होंने कहा कि रांची आना और यहां प्रकृति के बीच योगाभ्यास करना सुखद अनुभव देने वाला है। कम समय में योगाभ्यास के लिए बड़े पैमाने पर तैयारी के लिए मोदी ने रघुवर सरकार को भी धन्यवाद दिया। 
इन तीन वजहों के कारण योगाभ्यास के लिए रांची को चुना
मोदी ने योगाभ्यास से पहले अपने संबोधन में उन कारणों का जिक्र किया जिसके चलते उन्होंने पांचवा अंतरराष्ट्रीय योगा दिवस रांची में मनाने का फैसला लिया। उन्होंने बताया कि पहला कारण है कि झारखंड प्रकृति के करीब है। दूसरे कारण के बारे में उन्होंने बताया कि पिछले साल हमारी सरकार ने इसी धरती से गरीबों के लिए आयुष्मान योजना की शुरूआत की थी। तीसरे कारण के रूप में उन्होंने कहा कि रांची और स्वास्थ्य का रिश्ता काफी पुराना है। अब यहां से हमें योग को आगे एक अलग स्थान पर ले जाना है। योग को अब हमे गरीबों और आदिवासियों के घर-घर तक पहुंचाना है।
मीडिया को भी मोदी ने दिया धन्यवाद
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन के दौरान कहा कि आज देश-दुनिया के अनेक हिस्सों में लाखों लोग योग दिवस मना रहे हैं। दुनियाभर में योग के प्रचार-प्रसार के लिए मीडिया के साथी, सोशल मीडिया के लोग अहम भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने कहा कि योग हमारी संस्कृति का हिस्सा रहा है। झारखंड में छऊ नृत्य में योग के आसनों और मुद्राओं को व्यक्त किया जाता है। आधुनिक योग की यात्रा देश के ग्रामीण और आदिवासी अंचल में उस तरह से नहीं पहुंचा है जैसी पहुंचनी चाहिए। आधुनिक योग की यात्रा को शहर से गांवों तक ले जानी है। गरीब और आदिवासी के घर तक योग को पहुंचाना है। योग को आदिवासी और गरीब के जीवन का हिस्सा बनाना है। गरीब ही बीमारी की वजह से सबसे ज्यादा कष्ट पाता है। ये गरीब को और गरीब बना देती है। ऐसे समय में जब देश में गरीबी कम होने की रफ्तार बढ़ी है, योग उनके लिए बड़ा माध्यम है जो गरीबी से बाहर निकल रहे हैं।

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