हरियाणा में अब भाजपा की निगाह दलित और पिछड़ों, भरोसा जीतने को उठाया यह कदम
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हरियाणा में अब भाजपा की निगाह दलित और पिछड़ों, भरोसा जीतने को उठाया यह कदम

By Jagran calender  17-Jul-2019

हरियाणा में अब भाजपा की निगाह दलित और पिछड़ों, भरोसा जीतने को उठाया यह कदम

हरियाणा में भाजपा की निगाह दलित और पिछड़े वर्ग को साधने पर टिकी है। महर्षि वाल्मीकि, संत रविदास और डा. भीमराव अंबेडकर के राज्य स्तरीय जयंती समारोह मनाने के बाद भाजपा ने अब संत कबीर दास की जयंती मनाकर धानक समाज का भरोसा जीतने की कोशिश की है। इस वोट बैंक को कभी कांग्रेस की झोली में माना जाता था, मगर लोकसभा चुनाव में पहला मौका रहा, जब दलित और पिछड़ों ने पूरी शिद्दत के साथ कमल का फूल थामा है। विधानसभा चुनाव में भी भाजपा दलित और पिछड़े वर्ग का समर्थन जुटाने की कोशिश में लगी है।
हरियाणा में जाट और गैर जाट की खाई जिस तरह से चौड़ी होती जा रही है। ऐसे में भाजपा की कोशिश गैर जाट मतदाताओं का भरोसा बरकरार रखने की है। लोकसभा चुनाव के नतीजे इस बात का गवाह हैं कि भाजपा को भले ही जाटों ने भी वोट दिए, मगर वह गैर जाट मतदाताओं के एकतरफा समर्थन से ही सभी दस सीटों पर जीत का परचम लहराने में कामयाब रही है। अब राज्य में अक्टूबर में विधानसभा चुनाव हैं, जिसकी तैयारी में पार्टी और सरकार कोई कोर-कसर बाकी नहीं छोड़ रहे।
हरियाणा में भाजपा ने पहली बार महर्षि वाल्मीकि जयंती, संत रविदास की जयंती और डा. भीमराव अंबेडकर की जयंती राज्य स्तर पर मनाई है। खुद मुख्यमंत्री इन समारोहों में शामिल हुए। हर जिला मुख्यालय और विधानसभा स्तर पर भी महापुरुषों के जयंती समारोह आयोजित किए गए। इन तीनों महापुरुषों के जयंती समारोह लोकसभा चुनाव से पहले आयोजित किए गए थे, जिसका असर भाजपा के सामने है। अब विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा ने संत कबीर दास के राज्य स्तरीय जयंती समारोह के लिए जींद का चयन किया है, जो पार्टी और सरकार की सोची समझी रणनीति का हिस्सा है।

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