दिल्लीवालों की सेहत पर भिड़े हर्षवर्धन और केजरीवाल, दोनों के बीच छिड़ी लेटर-वॉर
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दिल्लीवालों की सेहत पर भिड़े हर्षवर्धन और केजरीवाल, दोनों के बीच छिड़ी लेटर-वॉर

By Tv9bharatvarsh calender  08-Jun-2019

दिल्लीवालों की सेहत पर भिड़े हर्षवर्धन और केजरीवाल, दोनों के बीच छिड़ी लेटर-वॉर

केंद्रीय मंत्री डॉ हर्षवर्धन ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को एक चिट्ठी लिखी है. ये उस चिट्ठी का जवाब है जो केजरीवाल ने आयुष्मान भारत योजना पर लिखी थी.
इस चिट्ठी में हर्षवर्धन ने जो कुछ लिखा वो कुछ यूं था-
– मुझे यह देख बहुत पीड़ा हुई कि आपने मेरी आयुष्मान भारत योजना को लागू करने के निवेदन का जवाब सोशल मीडिया पर दिया.
– इससे पता चलता है कि आप दिल्ली के लोगों के भले में बहुत कम दिलचस्पी रखते हैं.
– आपका यह दावा कि दिल्ली सरकार पहले ही सभी को मुफ्त स्वास्थ्य सेवा दे रही है इसीलिए आयुष्मान भारत योजना लागू करने की जरूरत नहीं मगर यह दावा निराधार है.
– आप की बड़ी-बड़ी योजनाएं भी साढ़े 4 साल गुजर जाने के बावजूद लागू नहीं हो सकी हैं.
– आप के मोहल्ला क्लीनिक भी फ्लॉप हैं.
– मैं आपको बताना चाहता हूं कि सभी राज्य यह दावा कर सकते हैं कि वह सरकारी अस्पताल के जरिए मुफ्त स्वास्थ्य सेवाएं दे रहे हैं जबकि सच्चाई यह है कि नागरिकों को अभी भी अपनी जेब से उस मुफ्त ट्रीटमेंट के लिए पैसे देने पड़ते हैं.
– प्रधानमंत्री जन औषधि योजना दिल्ली की 15 फ़ीसदी आबादी यानी 30,00,000 लोगो को कवर करती है.
– आप ने कहा कि जो ₹10,000 से कम कमाते हैं हर महीने सिर्फ वही लोग इसमें कवर होते हैं जबकि यह न्यूनतम मजदूरी से भी कम है. मैं आपको बता दूं कि यह क्राइटेरिया 2011 में जुटाए गए डेटा के आधार पर है जिसमें यह पाया गया था कि ₹10,000 प्रति माह से कम कमाने वाले लोगो को इसकी सबसे ज्यादा जरूरत है.
– राज्य सरकार की प्रस्तावित योजना जो कि मेरे हिसाब से अभी भी कागजों पर है उसमें गरीबों पर कोई खास ध्यान नहीं दिया गया और मुफ्त स्वास्थ्य सेवा के ज्यादा फायदे अमीर परिवार ले सकते हैं.
– tertiary लेवल पर सरकारी सुविधाएं कम होती हैं और बहुत ज़्यादा भीड़भाड़ वहां होती है यही कारण है कि देश में ज्यादातर या राज्यों ने प्रधानमंत्री जन औषधि योजना लागू की जबकि उनके पास पहले से ही अपनी स्वास्थ्य बीमा योजना थी
– आप कह रहे हैं कि दिल्ली सरकार की मुफ्त स्वास्थ्य योजना में अनलिमिटेड कवर है जबकि प्रधानमंत्री जन औषधि योजना में इंश्योरेंस कवर केवल ₹5 लाख का है. उस अनलिमिटेड कवर का कोई मतलब नहीं है अगर लोगों को मुफ्त इलाज के लिए पैसे देने पड़े. प्रधानमंत्री जन औषधि योजना में ₹5,00,000 तक का इंश्योरेंस कवर है. 8 महीनों में जब से प्रधानमंत्री जन औषधि योजना लागू हुई केवल 10 परिवार का खर्च ही 5 लाख से ऊपर गया जबकि के 10.74 करोड़ परिवारों को कवर करता है.
– आपका भ्रमित करने वाला स्पष्टीकरण कि दिल्ली में सभी लोगों को ₹30,00,000 तक का हेल्थ इंश्योरेंस मिल रहा है और बीमा की रकम इससे भी ऊपर जा सकती है हास्यास्पद है.
– केजरीवाल जी आपका कार्यकाल खत्म होने वाला है इसलिए आप विधानसभा चुनाव को देखते हुए जनता को मूर्ख बनाने के लिए अजीब सी योजना की बौछार कर रहे हैं जो कभी लागू नहीं हो सकती.
– मैं आपको आमंत्रित करता हूं कि आइए दिल्ली की जनता के भले के लिए और देश के लिए इस ऐतिहासिक योजना का हिस्सा बनें.
ज़ाहिर है, जिस तरह की चिट्ठी डॉ हर्षववर्धन ने अरविंद केजरीवाल को  लिखी है वो किसी सुलह का संदेश तो नहीं ही देती. हर्षवर्धन ने साथ मिलकर काम करने को लेकर दूसरी बार ऐसी चिट्ठी लिखी है. इसी साल दिल्ली में विधानसभा चुनाव होने हैं, और उससे पहले सेहत के मुद्दे पर केंद्र और राज्य खुलकर सामने आ गए हैं.

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