अमित शाह ने BJP के तीन पूर्व राष्‍ट्रीय अध्‍यक्षों की विरासत से यूं जोड़ा अपना कनेक्‍शन
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अमित शाह ने BJP के तीन पूर्व राष्‍ट्रीय अध्‍यक्षों की विरासत से यूं जोड़ा अपना कनेक्‍शन

By Tv9bharatvarsh calender  08-Jun-2019

अमित शाह ने BJP के तीन पूर्व राष्‍ट्रीय अध्‍यक्षों की विरासत से यूं जोड़ा अपना कनेक्‍शन

भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के चाणक्य कहे जाने वाले अमित शाह को लेकर अब नई ख़बर यह है कि वो बीजेपी के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के आवास में शिफ़्ट होने वाले हैं.
अमित शाह वर्तमान में बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं और दिवंगत नेता वाजपेयी के आवास में शिफ़्ट होते ही उनका तीन राष्ट्रीय अध्यक्षों के साथ कनेक्शन जुड़ जाएगा.
अमित शाह का अटल कनेक्शन
गृह मंत्री अमित शाह बहुत जल्द ही पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के कृष्ण मेनन मार्ग स्थित बंगले में शिफ़्ट होने वाले हैं. 16 अगस्त 2018 को पूर्व प्रधानमंत्री का निधन हो गया था तबसे यह बंगला ख़ाली है. साल 2004 में यूपीए के सत्ता में आने के बाद अटल बिहारी वाजपेयी को पूर्व प्रधानमंत्री होने के नाते यह बंगला आवंटित किया गया था. बतौर पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी 14 साल तक इस बंगले में रहे.
अमित शाह फिलहाल अकबर रोड के 11 नंबर बंगले में रहते हैं. यह बंगला उन्हें भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष होने के नाते मिला था. सरकारी सूत्रों के मुताबिक बतौर गृहमंत्री, अमित शाह की सुरक्षा जरूरतों के मुताबिक इस बंगले को अगले एक महीने में तैयार कर दिया जाएगा.
अमित शाह का राजनाथ कनेक्शन
इससे पहले अमित शाह जैसे ही लोकसभा चुनाव जीतकर आए हर तरफ़ यह चर्चा होने लगी कि उनकी नई भूमिका क्या होगी. 30 मई को अमित शाह ने कैबिनेट मंत्री के तौर पर राष्ट्रपति भवन में शपथ लिया लेकिन तब तक यह साफ़ नहीं हो पाया था कि उन्हें कौन सा मंत्रालय मिलेगा.
नरेंद्र मोदी जब गुजरात के मुख्यमंत्री थे तब अमित शाह के पास गृह विभाग और कानून जैसे दर्जनभर महत्वपूर्ण विभाग थे. इससे नरेंद्र मोदी और अमित शाह के बीच का मजबूत भरोसा पता चलता है. ऐसे में कायास लगने लगा था कि अमित शाह को गृह मंत्रालय की ज़िम्मेदारी दी जा सकती है.
जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 की वापसी और 35A को हटाने जैसे कुछ ऐसे मुद्दे थे जिसका वादा कर मोदी सराकर दोबारा सत्ता में आई. NIA और CBI दोनों गृह मंत्रालय के अंतर्गत आते हैं. ऐसे में मोदी इस कार्य के लिए अपने सबसे भरोसेमंद आदमी को अपने साथ रखना चाहेंगे. इतना ही नहीं उन्हें एक ऐसे चेहरे की तलाश थी जिसका आतंक के ख़िलाफ़ सख़्त चेहरा हो.
दो दिन बाद तस्वीर साफ़ हो गई. अमित शाह को सबसे महत्वपूर्ण गृह मंत्रालय दिया गया. इससे पहले यानी कि 2014-2019 के बीच मोदी कार्यकाल के दौरान पूर्व बीजेपी राष्ट्रीय अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने गृह मंत्री का कार्यभार संभाला था. पिछली सरकार में गृहमंत्री रहे राजनाथ सिंह अब रक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी संभालेंगे.
अमित शाह का लालकृष्ण आडवाणी कनेक्शन
बीजेपी ने 22 मार्च को जब लोकसभा चुनाव के लिए 184 उम्मीदवारों की सूची घोषित की तो इसमें गांधीनगर की बहुचर्चित सीट से लालकृष्ण आडवाणी की जगह पार्टी अध्यक्ष अमित शाह को टिकट मिला. बीजेपी की राजनीति के ‘पितामह’ माने जाने वाले लालकृष्ण आडवाणी का टिकट कटने को लेकर न केवल पार्टी में हलचल मची बल्कि सोशल मीडिया पर भी लोगों की ख़ूब प्रतिक्रियाएं आईं.
बताया गया कि गुजरात की बीजेपी इकाई ने गांधीनगर से किसी का नाम ही नहीं भेजा था. दरअसल राज्य इकाई के ज्यादातर नेता गांधीनगर सीट से पार्टी अध्यक्ष अमित शाह को चुनाव लड़ते हुए देखना चाहते थे. अमित शाह इससे पहले गांधीनगर संसदीय सीट के तहत नारणपुरा से विधायक थे.
‘आधुनिक चाणक्‍य’ कहे जाने वाले अमित शाह ने अपने पूर्ववर्ती लालकृष्‍ण आडवाणी का रिकॉर्ड तोड़ते हुए 5,57,014 वोटों के अंतर से जीत दर्ज़ की. इससे पहले आडवाणी ने गांधीनगर लोकसभा सीट से 4.83 लाख वोटों से जीतने का रिकॉर्ड बनाया था. शाह के खिलाफ कांग्रेस पार्टी ने डॉक्‍टर सीजे चावड़ा को मैदान में उतारा था. अमित शाह पहली बार लोकसभा चुनाव में खड़े थे. उन्‍हें लालकृष्‍ण आडवाणी की जगह पर गांधीनगर से टिकट दिया गया.

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