EVM में गड़बड़ी के आरोप, विपक्ष चौकन्ना, उम्मीदवारों ने तैनात की अपनी फोर्स
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EVM में गड़बड़ी के आरोप, विपक्ष चौकन्ना, उम्मीदवारों ने तैनात की अपनी फोर्स

By Aaj Tak calender  21-May-2019

EVM में गड़बड़ी के आरोप, विपक्ष चौकन्ना, उम्मीदवारों ने तैनात की अपनी फोर्स

लोकसभा चुनाव के नतीजों से ठीक पहले विपक्षी दलों की ओर से ईवीएम की सुरक्षा पर सवाल खड़े किए जा रहे हैं. उत्तर प्रदेश के गाजीपुर और चंदौली जैसे मामलों को आधार बनाकर विपक्ष चुनाव आयोग पर हमलावर है, लेकिन चुनाव आयोग ने सभी आरोपों को निराधार बताते हुए कहा है कि सभी EVM कड़ी सुरक्षा में हैं. इसके बावजूद सियासी पार्टियों ने स्ट्रॉन्ग रूम यानी जहां EVM रखी गई हैं, वहां पर पूरी मुस्तैदी के साथ अपने लोगों को सुरक्षा में लगा रखा है. इसके अलावा पार्टियां कई एहतियात बरत रही हैं और मतगणना के लिए निर्देश भी जारी किए हैं.
लोकसभा चुनाव की वोटिंग खत्म होते ही सभी EVM को स्ट्रॉन्ग रूम में रखा गया है, जो पूरी तरह से लॉक और सीसीटीवी की निगरानी में है. स्ट्रॉन्ग रूम की सुरक्षा सीआरपीएफ कर रही है. स्ट्रॉन्ग रूम के अंदर किसी को जाने की इजाजत नहीं है. हालांकि, स्ट्रॉन्ग रूम के सामने परिसर में हर प्रत्याशी को अपने एजेंट को निगरानी करने की इजाजत दी गई है.

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एक स्टॉन्ग रूम पर तीन एजेंट
चुनाव आयोग ने हर एक स्ट्रॉन्ग रूम पर एक पार्टी को तीन एजेंट रखने की अनुमति दी है. ये एजेंट एक साथ भी रह सकते हैं और चाहें तो बारी-बारी से भी निगरानी कर सकते हैं. हालांकि, गाजीपुर में बसपा प्रत्याशी अफजाल अंसारी द्वारा सवाल खड़े किए जाने के बाद वहां के प्रशासन ने एक स्ट्रांग रूप पर पांच लोगों को निगरानी करने की अनुमति दी है.  यह व्यवस्था सिर्फ गाजीपुर के लिए ही है.
बता दें कि एक स्ट्रॉन्ग रूम में एक से लेकर तीन विधानसभा की EVM रखी गई हैं. यह स्ट्रॉन्ग रूम की क्षमता पर निर्भर करता है. उत्तर प्रदेश में सपा-बसपा और कांग्रेस के प्रत्याशियों ने स्ट्रॉन्ग रूम पर अपने एजेंट तो नियुक्त कर ही रखे हैं, साथ ही स्ट्रॉन्ग रूम से बाहर  करीब 50 मीटर दूरी पर अपने दस से बीस लोगों को निगरानी के लिए लगा रखा है. ये लोग आठ-आठ घंटे के अंतराल पर सुरक्षा कर रहे हैं.
सपा और बसपा ने मतगणना के लिए अपने प्रत्याशियों के लिए कुछ दिशा-निर्देश जारी किए हैं. बसपा ने अपने प्रत्याशियों से कहा कि काउंटिग एजेंट को पीठासीन अधिकारी के द्वारा प्राप्त की गई EVM को काउंटिग के दौरान खुलने से पहले हर हाल में (EVM,  BUCU और VVPAT) नंबर का मिलान कराएं. इसके साथ यह सुनिश्चित कर लें कि इस्तेमाल की गई ग्रीन पेपर सील व स्पेशल टैक का नंबर वही है जो EVM,  BUCU और VVPAT में पीठासीन अधिकारी द्वारा अंकित किए गए हैं. ऐसे में दोनों नंबर सही पाए जाने पर ही EVM को खुलने की अनुमति प्रदान की जाए. यही बात समाजवादी पार्टी ने भी अपने प्रत्याशियों से कही है.
हालांकि, चुनाव आयोग ने कहा है कि हर काउंटिंग सेंटर पर ईवीएम और VVPAT को राजनीतिक दलों के सामने वीडियोग्राफी कर सुरक्षित रखा गया है. वहां सीसीटीवी कैमरे की भी व्यवस्था है. सुरक्षा में CRPF की तैनाती है, प्रत्याशियों को भी स्ट्रॉन्ग रूम परिसर में जाने की अनुमति दी गई है. ऐसे में किसी तरह का गलत आरोप लगाना निराधार है.

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