Molitics Logo
होम रिपोर्ट्स महंगाई का झटका: 1 अक्टूबर से टीवी, एसी, स्मार्टफोन और रसोई का सामान महंगा
रिपोर्ट्स

महंगाई का झटका: 1 अक्टूबर से टीवी, एसी, स्मार्टफोन और रसोई का सामान महंगा

1 अक्टूबर से टीवी, एसी, स्मार्टफोन और रसोई का सामान महंगा हो गया है। त्योहारी सीजन से पहले महंगाई बढ़ने से आम जनता की मुश्किलें बढ़ गई हैं।

महंगाई का झटका: 1 अक्टूबर से टीवी, एसी, स्मार्टफोन और रसोई का सामान महंगा
फोटो: Electronics price hike October 2026 India, Smartphone price increase memory chips, Food inflation groceries price rise India, Festive season price hike AC TV refrigerator, Essential goods cost increase news Hindi

भारत में 1 अक्टूबर 2026 से कई जरूरी सामानों, इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और एफएमसीजी उत्पादों के दाम बढ़ गए हैं। त्योहारी सीजन (दिवाली और दशहरा) से ठीक पहले कंपनियों ने कच्चे माल (Raw Materials) की लागत में भारी बढ़ोतरी और अंतरराष्ट्रीय बाजार के दबाव का हवाला देते हुए यह बड़ा फैसला लिया है। इस साल यह तीसरा मौका है जब कंपनियों ने अपने उत्पादों की कीमतें बढ़ाई हैं, जिससे आम जनता की जेब पर सीधा असर पड़ना तय है।

विभिन्न सेक्टर्स में दामों में बढ़ोतरी का विस्तृत विवरण:

  • इलेक्ट्रॉनिक्स और होम अप्लायंसेज (TV, Fridge, AC):

    कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स और होम अप्लायंसेज बनाने वाली प्रमुख कंपनियों (जैसे ब्लू स्टार, गॉडरेजों, हायर, डाइकिन और एलजी) ने अपने उत्पादों के दाम 3% से 8% तक बढ़ा दिए हैं। कॉपर (तांबा) के दामों में वैश्विक स्तर पर 25% से 35% तक की तेजी, स्टील, एल्युमिनियम, रेजिन और क्रूड ऑयल के महंगे होने के कारण यह कदम उठाया गया है। एयर कंडीशनर (AC) और डीप फ्रीजर के दामों में सबसे ज्यादा 5% से 8% की बढ़ोतरी हुई है, जबकि एलइडी टीवी, वाशिंग मशीन और रेफ्रिजरेटर करीब 3% से 4% तक महंगे हो गए हैं। हालांकि, राहत की बात यह है कि डीलर्स के पास पुराने स्टॉक की पाइपलाइन होने के कारण कुछ हफ्तों तक ग्राहकों को पुराने दामों पर भी सामान मिल सकता है।

  • स्मार्टफोन और मोबाइल बाजार:

    स्मार्टफोन सेक्टर में भी ग्राहकों को तगड़ा झटका लगा है। बाजार अनुसंधान रिपोर्ट के अनुसार, इस साल की पहली छमाही में स्मार्टफोन की औसत बिक्री कीमतों में 16% की भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। मेमोरी कंपोनेंट्स (मेमोरी चिप्स) की लागत बढ़ने और अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये में लगातार आ रही गिरावट के कारण मोबाइल कंपनियों की लागत बढ़ गई है। इसका सबसे बुरा असर बजट और एंट्री-लेवल स्मार्टफोन सेगमेंट पर पड़ा है, जहां सस्ते फोन महंगे होने के कारण इनकी बिक्री में भारी गिरावट आई है।

  • रसोई का बजट और खाद्य महंगाई:

    सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, देश में खुदरा महंगाई दर (CPI) बढ़कर 4.82% पर पहुंच गई है, जबकि खाद्य महंगाई (Food Inflation) बढ़कर 5.95% हो गई है। इसके चलते रसोई का बजट पूरी तरह गड़बड़ा गया है। प्याज, लहसुन, अदरक और मसालों के दाम आसमान छू रहे हैं। कई राज्यों में खुद सरकारों को हस्तक्षेप कर सब्सिडी दरों पर प्याज बेचना पड़ रहा है। इसके अलावा, खाद्य तेल, चीनी और पैकेजिंग सामग्री महंगी होने से पैक्ड फूड और स्नैक्स के दाम भी 9% तक बढ़ चुके हैं।

  • कंस्ट्रक्शन और पैकेजिंग मटेरियल:

    कच्चे तेल के उत्पादों और पॉलीथीन-पीवीसी के दाम बढ़ने से प्लास्टिक गुड्स महंगे हो गए हैं, जिसका सीधा असर एफएमसीजी (FMCG) सामानों की पैकेजिंग पर पड़ा है। इसके साथ ही घर बनाने में इस्तेमाल होने वाले सीमेंट और बिटुमेन के दाम भी चढ़ गए हैं, जिससे रियल एस्टेट और निर्माण कार्य भी महंगे हो गए हैं।