पंजाब कांग्रेस से इस वक्त की सबसे बड़ी राजनीतिक खबर सामने आ रही है। पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। पिछले कुछ समय से राज्य इकाई में चल रही उठापटक और संभावित बदलाव की अटकलों पर अब आधिकारिक मुहर लग गई है। लुधियाना से लोकसभा सांसद राजा वड़िंग ने पंजाब मामलों के नए कांग्रेस प्रभारी सचिन पायलट की रिपोर्ट और पार्टी आलाकमान के निर्देशों के बाद यह कदम उठाया है।
सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस हाईकमान अगले 48 घंटों (एक या दो दिन) के भीतर पंजाब कांग्रेस के नए प्रदेश अध्यक्ष के नाम का ऐलान कर सकता है। राज्य के राजनीतिक गलियारों में नए अध्यक्ष की रेस को लेकर सुगबुगाहट तेज हो गई है।
रेस में कौन-कौन से नाम शामिल?
पंजाब कांग्रेस के नए अध्यक्ष पद की दौड़ में कई दिग्गज नेताओं के नाम चर्चा में हैं। इस रेस में पूर्व मंत्री विजय इंदर सिंगला, विधायक परगट सिंह, सुखजिंदर सिंह रंधावा और पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के नाम प्रमुख रूप से शामिल बताए जा रहे हैं। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, इस पूरी फेरबहिरी में पूर्व मंत्री विजय इंदर सिंगला का नाम सबसे आगे यानी टॉप पर चल रहा है।
क्यों हुआ यह बदलाव?
यह पूरा राजनीतिक घटनाक्रम कांग्रेस द्वारा हाल ही में छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की जगह सचिन पायलट को पंजाब कांग्रेस का नया महासचिव और प्रभारी नियुक्त किए जाने के तुरंत बाद सामने आया है। पंजाब कांग्रेस लंबे समय से अंदरूनी कलह और गुटबाजी से जूझ रही है, जहां विभिन्न धड़े 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले पार्टी संगठन में अपना प्रभाव बढ़ाने की कोशिश में जुटे हैं।
इससे पहले राजा वड़िंग के नेतृत्व और चुनावी प्रदर्शन को लेकर पार्टी के भीतर ही सवाल उठने लगे थे। हालांकि, वड़िंग ने अपनी कार्यप्रणाली का बचाव करते हुए कहा था कि पार्टी को 2022 के विधानसभा चुनावों में 80 सीटों से 18 सीटों पर लाने के लिए केवल उनके नेतृत्व को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता। वहीं दूसरी ओर, पूर्व सीएम चरणजीत सिंह चन्नी के समर्थकों द्वारा उन्हें 2027 के चुनावों के लिए मुख्यमंत्री पद का चेहरा घोषित करने की मांग भी पार्टी के भीतर सुगबुगाहट का एक बड़ा कारण रही है।





