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चुनाव • दिल्ली

ECINet विवाद: चुनाव आयुक्तों की चिट्ठी और 'आंतरिक मतभेद' पर चुनाव आयोग ने दी सफाई, जानें पूरा मामला

ECINet पर उठे सवालों के बीच चुनाव आयोग ने साफ किया कि आयुक्तों की पत्र-व्यवहार एक अधिकारी से जुड़ी थी, नीतिगत नहीं।

ECINet विवाद: चुनाव आयुक्तों की चिट्ठी और 'आंतरिक मतभेद' पर चुनाव आयोग ने दी सफाई, जानें पूरा मामला
फोटो: ECINet Dispute, Election Commission of India, Voter Database Access, Sukhbhir Singh Sandhu Vivek Joshi, ECI IT Division

चुनाव आयोग (ECI) में आंतरिक मतभेद और ECINet प्लेटफॉर्म को लेकर चल रही खबरों के बीच आयोग ने आधिकारिक सफाई जारी की है। आयोग ने स्पष्ट किया कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी द्वारा कैबिनेट सचिव को लिखे गए पत्र किसी नीतिगत या IT डिवीजन से जुड़े नहीं थे, बल्कि आयोग में प्रतिनियुक्त एक अधिकारी के कामकाज से संबंधित थे।

चुनाव आयोग की बैठक के बाद जारी प्रेस नोट में बताया गया कि संबंधित अधिकारी के काम बंटवारे का आदेश लागू नहीं किया गया था और डिप्टी इलेक्शन कमिश्नर (DEC) की IT डिवीजन पर निगरानी बरकरार है।

ECINet को लेकर क्या है मुख्य विवाद?

यह पूरा मामला ECINet से जुड़ा हुआ है, जिसे चुनाव आयोग ने जनवरी में लॉन्च किया था। इस सिंगल प्लेटफॉर्म में 40 से अधिक एप्लिकेशन और पोर्टल एक साथ एकीकृत (Integrated) किए गए हैं।

  • मुख्य विवाद: 'द इंडियन एक्सप्रेस' की रिपोर्ट के अनुसार, मतदाता सूची अपडेट करने वाले राज्य और जिला स्तरीय अधिकारियों के एक्सेस कंट्रोल को लेकर सवाल उठाए गए थे।

  • आयुक्तों की आशंका: चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने मतदाता डेटाबेस के संभावित केंद्रीकरण पर चिंता जताई थी। उनका सवाल था कि क्या ECINet के जरिए वैधानिक शक्तियों (Statutory Powers) वाले अधिकारियों का अधिकार सीमित तो नहीं हो रहा?

  • IIT विशेषज्ञ ऑडिट का प्रस्ताव: विवेक जोशी ने मतदाता डेटाबेस की सुरक्षा और एक्सेस की जांच के लिए IIT के स्वतंत्र विशेषज्ञ से ऑडिट कराने की सिफारिश की थी।

चुनाव आयोग ने क्या दी है सफाई?

विवाद बढ़ता देख चुनाव आयोग ने बैठक के बाद कई महत्वपूर्ण स्पष्टीकरण दिए हैं:

  1. विकेंद्रीकृत प्रणाली (Decentralized Platform): आयोग ने साफ किया कि ECINet पूरी तरह से डीसेंट्रलाइज्ड प्लेटफॉर्म है। बूथ लेवल ऑफिसर (BLO), निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी (ERO), और मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) अपनी-अपनी अलग आईडी और पासवर्ड से काम करते हैं।

  2. शक्तियों का संरक्षण: ECI का कोई अन्य अधिकारी फील्ड अधिकारियों की वैधानिक जिम्मेदारी नहीं निभा सकता।

आयोग द्वारा उठाए गए सुधारात्मक कदम

आंतरिक चिंताओं को दूर करने और व्यवस्था में पारदर्शिता लाने के लिए चुनाव आयोग ने निम्नलिखित निर्णय लिए हैं:

  • समीक्षा समिति का गठन: वरिष्ठ डिप्टी इलेक्शन कमिश्नर की अध्यक्षता में एक विशेष समिति बनाई जाएगी, जिसमें IIT या IIIT के स्वतंत्र विशेषज्ञ शामिल होंगे। यह समिति ECINet की कानूनी समीक्षा करेगी।

  • अधिकारियों की समिति (COO): अब से IT मॉड्यूल या पोर्टल से जुड़ी हर नई पहल पर आयोग की मंजूरी से पहले अधिकारियों की समिति (Committee of Officers) में चर्चा होगी।

  • फील्ड स्तर पर लचीलापन: राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों (CEOs) के सुझावों के आधार पर पोर्टल में पहले ही कई बदलाव किए गए हैं और आवश्यकता पड़ने पर आगे भी सुधार किए जाएंगे।