लोकतंत्र में एक ही व्यक्ति का हीरो बनने की कोशिश करना शुभ नहीं!
Latest Article

लोकतंत्र में एक ही व्यक्ति का हीरो बनने की कोशिश करना शुभ नहीं!

Author: Neeraj Jha   28 Mar 2019

लोकतंत्र में एक ही व्यक्ति का हीरो बनने की कोशिश करना शुभ नहीं!

अंतरिक्ष में सर्जिकल स्ट्राइक कर दिया गया। कल पीएम मोदी ने पूरे देश को संदेश देते हुए बताया कि हम चीन, अमेरिका और रूस के बाद चौथे स्पेस पॉवर बन गए हैं। इसके बाद दो तरह के संदेश उमड़ने लगे। एक पीएम को हीरो बताने वाले औऱ दूसरा आलोचना वाले।

लोगों ने आलोचना की क्योंकि उनका कहना था कि भारत ने यह ताकत 2012 में ही हासिल कर ली थी। जिसके बारे में खुद DRDO के वैज्ञानिकों को बोलने का मौका दिया गया था। वीके सारस्वत, जो कि फिलहाल नीति आयोग के सदस्य हैं और 2012 में DRDO प्रमुख थे, उन्होंने कहा कि 2012 में यूपीए ने इस टेस्ट की आज्ञा नहीं दी थी। हमने 2012 के इनके बयान खंगाले तो इंडिया टुडे के हवाले से पता चला कि वीके सारस्वत ने कहा था कि भारत ने वो ताकत तो हासिल कर ली है जिससे दुश्मन सैटेलाइट को मार गिराया जा सकता है लेकिन भारत अभी किसी सैटेलाइट को गिराकर ये टेस्ट नहीं करेगा क्योंकि इससे अंतरिक्ष में कचरा फैल जाएगा।

सारस्वत साहब, आप अब सच बोल रहे हैं या तब किसी और की जानिब से बोल रहे थे। आप इस वक्त सरकार की वकालत कर रहे हैं या तब भी केवल यही कर रहे थे। आपके ही आयोग के अध्यक्ष को इलेक्शन कमीशन ने नोटिस भेजा है कि भई मॉडल कोड ऑफ कंडक्ट का उल्लंघन मत करिए। क्योंकि उन्होंने राहुल गाँधी के न्याय की आलोचना की थी।

देश के लिए आपका योगदान अमूल्य है लेकिन जनता को बरगालाने के गंदे खेल में आप शामिल क्यों हो रहे हैं। आपको तो पीएम को सुझाव देना चाहिए था कि इस कहानी के हीरो पीएम नहीं बल्कि वैज्ञानिक हैं सो उन्हें कैमरे पर आने दिया जाए लेकिन आप तो….।

ये एक शानदार उपलब्धि थी। वैज्ञानिकों के अथक प्रयासों ने इसे संभव बनाया। लेकिन उन वैज्ञानिकों को कैंरे के सामने नहीं  आने दिया गया। मोदी प्रधानमंत्री हैं। देश के अच्छे-बुरे सबके ज़िम्मेदार माने जाएँगे। लेकिन नेता वही होता है जो टीम में काम करने वाले औरों को भी आगे आने दे। पुलवामा के बाद राष्ट्र को पीएम संबोधन नहीं मिला, एयरस्ट्राइक के बाद पीएम का मख़ौल सामने आया, बेरोज़गारी के समय भी पीएम चुप थे…लेकिन अब जब हालात सामान्य हैं, आचार संहिता लागू है, पीएम ने राष्ट्र को संबोधित किया। प्रधानमंत्री मोदी प्रचारमंत्री की दोहरी ज़िम्मेदारी निभा रहे हैं।

चुनाव आयोग में शिकायतें हो चुकी हैं पीएम के खिलाफ भी। इससे पहले मोदी मूवी को लेकर भी शिकायत की जा चुकी है। अभिनंदन की फोटो यूज़ करने को लेकर भी शिकायत हुई है। अब इस मिसाइल के साथ मोदी की फोटो सोशल मीडिया पर तैरने लगी है। देखते हैं शिकायत सुनने के अलावा चुनाव आयोग और क्या करेगी?

लगभग सभी लोकतांत्रिक संस्थाएँ सरकार के इर्द-गिर्द घूमती नज़र आ रही हैं। संस्थाओं के अलावा मीडिया भी नमो नमो हो गया है। विपक्ष को खत्म करने की साज़िश में सरकार समेत ये तमाम संस्थाएँ भी शामिल हैं। पर इस खेल के खिलाड़ियों को ये पता नहीं कि विपक्ष का खत्म हो जाना लोकतंत्र का खत्म हो जाना है। और लोकतंत्र का खत्म हो जाना आज़ादी का।

बेरोज़गारी, गरीबी, कृषि संकट आदि को दबाने और आगामी चुनावों में जनता को बहकाने के तमाम काम मॉडल कोड ऑफ कंडक्ट के बावजूद किया जा रहा है। लोकतंत्र में अगर कोई एक व्यक्ति हीरो बन जाए तो यह लोकतंत्र के लिए ठीक नहीं। पर तमाम सरकारी संस्थाएँ एक व्यक्ति को हीरो बनाने की कोशिश कर रही है जो लोकतंत्र के लिए शुभ नहीं है।

MOLITICS SURVEY

क्या लोकसभा चुनाव 2019 में नेता विकास के मुद्दों की जगह आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति कर रहे हैं ??

हाँ
नहीं
अनिश्चित

TOTAL RESPONSES : 31

Caricatures
See more 
Political-Cartoon,Funny Political Cartoon
Political-Cartoon,Funny Political Cartoon

Suffering From Problem In Your Area ? Now Its Time To Raise Your Voice And Make Everyone Know