SSC- SCAM - कौन है लाखों उम्मीदों का क़ातिल?
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SSC- SCAM - कौन है लाखों उम्मीदों का क़ातिल?

Author: Neeraj Jha   11 Mar 2018

SSC- SCAM - कौन है लाखों उम्मीदों का क़ातिल?

SSC - CGL - ये महज़ एक प्रतियोगी परीक्षा नहीं बल्कि लाखों ग्रेजुएट युवाओं का सपना है। ये परीक्षाएँ सपना इसलिए बनीं क्योंकि देश का एजुकेशन सिस्टम पास होने वाले लाखों युवाओं को कोर्स के मुताबिक रोज़गार देने में नाकाम रहा है। इंजीनियरिंग और अन्य प्रोफेशनल डिग्रियों से लेकर  ट्रेडिशनल डिग्रियाँ हासिल करने वाले युवा SSC की नौकरी को लेकर लालायित रहते हैं। लाखों की संख्या में परीक्षा के लिए आवेदन भरते हैं और उसके बाद से लगातार झेलते हैं सिस्टम में फैले भ्रष्टाचार का बोझ। परीक्षा की तिथियों में बदलाव, परीक्षा के दौरान होने वाली चीटिंग और फिर रिज़ल्ट के लिए एक कमज़ोर सी उम्मीद के साथ किया जाने वाला इंतज़ार परीक्षार्थियों को अंदर ही अंदर मार देता है। 

मकान, ज़मीन बेचकर करते हैं तैयारी

गलाकाट प्रतियोगिता के बीच कोचिंग इंस्टीट्यूट एक ज़रूरत बन गया है। सुनहरे भविष्य के सपने को लेकर लाखों करोड़ों युवा देश के अलग अलग हिस्से से बड़े शहरों में इस परीक्षा की तैयारी के लिए आते हैं। पैसे की क़िल्लत की वज़ह से कई बार ज़मीन,तो कई बार गहनों को गिरवी रखकर युवा छात्र/छात्राएँ घर से कोसों दूर तक आ जाते हैं। ज़िंदगी इस तरह गुज़ारते हैं, मानो कोई सज़ा हो।

SSC कर रहा है उम्मीदों की हत्या

लाखों लोग इतना बड़ा सौदा केवल इस उम्मीद में करते हैं कि ये परीक्षा पास करके अपनी ज़िंदगी को स्वर्ग बना लेंगे। लेकिन इस परीक्षा की व्यवस्थाओं को चलाने वाले लोग उन लाखों युवाओं के सपनों का यमराज बन गए हैं। नकल माफियाओं ने पूरे तंत्र पर नकेल कसा हुआ है। जिसके कारण हजारों छात्र/छात्राएँ सड़क पर उतरकर अपने भविष्य की रक्षा करने का प्रयास कर रहे हैं। 

परीक्षा से पहले Answer Key बाहर

दरअसल, 2017-18 सत्र के लिए SSC - CGL Tier -2 की परीक्षाएँ 17 से 22 फरवरी को होनी थी। 21 फरवरी वाले दिन सुबह 10:30 बजे से परीक्षा शुरु होने वाली थी। लेकिन उससे पहले ही परीक्षा की आँसर की सोशल मीडिया पर दिखी। नतीज़तन SSC ने परीक्षा को रोक दिया और 12:15 बजे के आस पास दोबारा परीक्षा शुरु करने के आदेश दिए। परीक्षा हुआ। लेकिन उसके बाद परीक्षा का स्क्रीनशॉट सोशल मीडिया पर शेयर किया जाने लगा। स्क्रीनशॉट्स का इस रह बाहर आना उन हज़ारों अभ्यार्थियों के लिए सदमा था जो सच्चे मन से परीक्षा की तैयारियाँ कर रहे थे। इन हालातों में कई ग्रुप ने छात्रों का साथ दिया जिनमें प्रमुख है फेसबुक पेज SSC Tube। इस पेज़ ने समय समय पर छात्रों को SSC की अनियमितताओं को लेकर जागरुक किया और इन छात्रों की आवाज़ को फेसबुक पर एक मंच भी प्रदान किया।

दबाव मे सरकार ने दी CBI जाँच की मंजूरी

मामले को फैलता देख SSC ने 21 तारीख वाली परीक्षा को कैंसल कर दिया। लेकिन अभ्यार्थियों ने सारी परीक्षाओं की सीबीआई जाँच कराने की माँग को लेकर आंदोलन शुर कर दिया। आंदोलन के दबाव में सरकार ने पहले 21 तारीख वाली परीक्षा और बाद में सारी परीक्षाओं के सीबीआई जाँच के आदेश दे दिए। 

नकल की जड़ें हो सकती है गहरीं

लेकिन क्या इससे संतुष्ट हुआ जा सकता है। इससे पहले भी SSC पर सवाल उठे हैं लेकिन SSC ने हमेशा उन्हें खडारिज़ किया। जब उन सवालों में कोई दम था ही नहीं तो फिर आख़िरकार परीक्षा कैंसल क्यों की गई। जिस तरह की Security की व्यवस्था SSC के परीक्षा केंद्रों में होती है, उसमें नकल होने का मतलब है - नकल का बहुत व्यापक स्तर पर फैला होना। संभव है कि नकल के तार SSC के आला अधिकारियों से लेकर सरकारी विभागों तक जुडे हों। ख़ैर, जो भी हो छात्रों में जो रोष फिलहाल है, वह तब तक ख़त्म नहीं होना चाहिए, जब तक दूध का दूध और पानी का पानी नहीं हो जाता।

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