'मोदी' डुबाएँगे बीजेपी की नाव!
Latest Article

'मोदी' डुबाएँगे बीजेपी की नाव!

Author: Neeraj Jha calender  20 Feb 2018

'मोदी' डुबाएँगे बीजेपी की नाव!

“न खाऊँगा - न खाने दूँगा” का वादा करने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अब तक का कार्यकाल “खाने दूँगा - जाने दूँगा” पर आधारित दिख रहा है। भारतीय जनता पार्टी के समर्थकों ने 2014 के आम चुनाव जीतने के बाद कहा था कि देश मोदी मय हो गया लेकिन अब पूरे देश को लग रहा है कि देश मोदीमय तो नहीं, मोदी ग्रस्त ज़रूर हो गया है। ललित मोदी से लेकर नीरव मोदी तक देश का शोक बन गए हैं। घोटाला करना और फिर देश छोड़कर भाग जाना इतना आसान शायद ही कभी रहा हो, जितना आज है। राजनैतिक विश्लेषक सिद्धार्थ मजूमदार ने पीएनबी घोटाला और वर्तमान राजनैतिक हालातों पर हमसे बातचीत की। 

सिद्धार्थ ने बातचीत के दौरान कहा “2019 के आम चुनाव अब ज्यादा दूर नहीं हैं। और जैसे जैसे चुनाव नज़दीक आएँगे वैसे वैसे इस तरह के घोटाले सामने आते रहेंगे। भ्रष्टाचार के खिलाफ जमकर बोलने वाले नरेंद्र मोदी की खामोशी बीजेपी के लिए घातक होगी। जनता जानना चाहती है कि आधार कार्ड को बैंक अकाउण्ट से लिंक कराने का ड्रामा क्या केवल आम जनता के लिए रचा गया था? क्या नीरव मोदी का बैंक अकाउण्ट उनके आधार कार्ड से लिंक था? राजनीति छवि का खेल होता है। घोटालों के मुद्दों पर प्रधानमंत्री की चुप्पी उन्हें आगामी चुनावों में नुकसान पहुँचाएगी।” 

देश में किसान लोन के कर्ज़े तले दबकर आत्महत्या कर रहे हैं। सरकारों के पास इतना पैसा नहीं है कि किसानों को इस बोझ से निकाला जाए। लेकिन एक हीरा व्यापारी जिसके सरकार से अच्छे खासे ताल्लुकात हैं, पीएनबी को 11400 करोड़ का चूना लगाकर देश से बाहर चला जाता है। गौरतलब है कि पीएनबी को विजिलेंस का एक्सीलैंस अवॉर्ड मिला है। सवाल यह उठता है कि आखिर लगभग 7 सालों से चल रहे घोटाले की भनक किसी को क्यों नहीं लग सकी? 

सिद्धार्थ कहते हैं कि “सरकार की इससे बड़ी नाकामी हो ही नहीं सकती कि उनके नाक के नीचे इतने बड़े घोटाले को अंजाम दे दिया गया। अपनी भाषण कला और वाक्पटुता के जरिए लोकप्रिय हुए पीएम मोदी का घोटालों पर मौन बीजेपी के मिशन 2019 को कमज़ोर करेगी। चाहे राफेल डील हो या पीएनबी घोटाला, सीमा पर सैनिकों की शहादत हो या देश के अंदर अराजक तत्वों की गुण्डागर्दी; प्रधानमंत्री मोदी ने मौन अपनाया हुआ है।” वो आगे कहते हैं कि “विपक्ष को एक अच्छा मौका मिल गया है। पीएनबी घोटाले और पीएम की मौन को लेकर वो जनता के बीच जा सकते हैं। बीजेपी अब इन सवालों पर चुप नहीं रह सकती और अगर चुप रही तो 2019 के चुनावों में इसकी सीटों की संख्या 200-210 के बीच रह जाएगी।”

बहरहाल एक बात तो तय है कि भ्रष्टाचार खत्म करने के दावे के साथ सत्ता में आई बीजेपी भी धीरे धीरे भ्रष्टाचार में डूबती नज़र आने लगी है। मनमोहन के मौन को लताड़ने वाले पीएम आज खुद मौन हो गए हैं। यह तो भविष्य ही बताएगा कि क्या अपनी छवि के लिए ही सही बीजेपी और खुद पीएम मोदी भ्रष्टाचार के खिलाफ उसी तरह से आवाज़ उठा पाएँगे जैसा सत्ता में काबिज़ होने से पहले करते थे।

MOLITICS SURVEY

ट्रैफिक रूल्स में हुए नए बदलाव जनता के लिए !

फायदेमंद
  33.33%
नुकसानदायक
  66.67%

TOTAL RESPONSES : 24

Caricatures
See more 
Political-Cartoon,Funny Political Cartoon
Political-Cartoon,Funny Political Cartoon

Suffering From Problem In Your Area ? Now Its Time To Raise Your Voice And Make Everyone Know